क्या महाविकास अघाड़ी का काम केवल सवाल उठाना रह गया है?
सारांश
Key Takeaways
- महाविकास अघाड़ी का मुख्य काम सवाल उठाना है।
- महायुति 150 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रही है।
- रामदास आठवले ने महाविकास अघाड़ी की आलोचना की।
- भाजपा और सहयोगी पार्टियों का एकजुटता पर जोर।
- प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं का लाभ सभी समुदायों को।
मुंबई, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनाव से पहले महायुति के 60 से अधिक उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने पर महाविकास अघाड़ी द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी का कार्य केवल सवाल उठाना रह गया है, जबकि महायुति सत्ता में बनी रहेगी।
आठवले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि जहाँ केवल एक ही उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल किया है, वहां चुनाव आयोग को नियमों के अनुसार उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करने का अधिकार है। कई स्थानों पर विपक्ष ने नामांकन तक नहीं भरा, इसलिए निर्विरोध जीत एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और महाराष्ट्र में भी विकास की गति तेज है। यही कारण है कि लोग पीएम मोदी की पार्टी और उनके सहयोगियों के उम्मीदवारों को चुनना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि महायुति किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकार पीएम मोदी के मूल संदेश “सबका साथ, सबका विकास” पर आधारित है।
एनसीपी नेता नवाब मलिक द्वारा उनकी पार्टी को ‘किंग मेकर’ कहे जाने पर आठवले ने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा, शिवसेना और आरपीआई मिलकर मजबूत बहुमत प्राप्त करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि महायुति 150 से अधिक सीटें जीतने में सफल होगी। आठवले ने बताया कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया 12 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। हालांकि आरपीआई को सीधे तौर पर कोई सीट नहीं मिली है, लेकिन एकनाथ शिंदे के कोटे से उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने जीत हासिल की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरपीआई पूरी तरह महायुति के साथ खड़ी है।
शिवसेना के एक नेता द्वारा महापौर के संबंध में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि इस तरह के बयान हिंदू और मुसलमानों के बीच फूट डालने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान समुदाय इस देश के नागरिक हैं और उनकी सुरक्षा सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। आठवले ने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर धर्म के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मुसलमान समुदाय को भी समान रूप से मिलता है।
दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि अदालत को अपने फैसले देने का पूरा अधिकार है और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं।
कांग्रेस नेताओं द्वारा यह कहे जाने पर कि आरोपियों को मुस्लिम होने के कारण जमानत नहीं मिल रही और सुप्रीम कोर्ट सरकार के इशारे पर काम कर रहा है, इस पर आठवले ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह मामला धर्म का नहीं, बल्कि कानून का है। कांग्रेस का इस तरह का बयान देना पाकिस्तान का समर्थन करने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा सरकार के खिलाफ बोलती रही है और इसकी यह भूमिका भारत विरोधी मानसिकता का परिचायक है।