जर्मन चांसलर की चीन यात्रा: निरंतर सहयोग का प्रतीक और आर्थिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व
सारांश
Key Takeaways
- चांसलर मर्ज़ की यात्रा निरंतर सहयोग का संकेत है।
- यह यात्रा पूर्व चांसलर मर्केल के बाद का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आई है।
- जर्मन उद्योग चीन के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
- चीन के प्रति संवाद एक प्राथमिकता बना हुआ है।
- दुनिया की अस्थिरता के बीच चीन एक स्थिर आधार बना हुआ है।
बीजिंग, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ २५ से २६ फरवरी तक चीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। जर्मन आर्थिक विकास और विदेश व्यापार संघ के अध्यक्ष माइकल शुमान ने २४ फरवरी को चाइना मीडिया ग्रुप के 'हाई-एंड इंटरव्यू' कार्यक्रम में एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि चांसलर की यह यात्रा निरंतर सहयोग का संकेत है और यह एक व्यावहारिक आर्थिक दृष्टिकोण का भी प्रतिबिंब है।
माइकल शुमान ने बताया कि जर्मन चांसलर की इस यात्रा में साथ आया व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल के युग के बाद का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक संकेत माना, जो दर्शाता है कि जर्मन अर्थव्यवस्था और जर्मन उद्योग चीन के साथ सहयोग के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं।
इस साल अब तक तीन यूरोपीय नेता क्रमशः चीन का दौरा कर चुके हैं। शुमान का मानना है कि ये दौरे यह दर्शाते हैं कि चीन के साथ संवाद एक प्राथमिकता बनी हुई है। साथ ही, ये भी दिखाते हैं कि तेजी से अस्थिर होते विश्व में, कई लोग यह महसूस करने लगे हैं कि चीन एक स्थिर आधार बना हुआ है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)