ईरान संघर्ष पर पाकिस्तान में शांति वार्ता की राह में रुकावट, पीएम शहबाज का दौरा बड़ा कारण!

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ईरान संघर्ष पर पाकिस्तान में शांति वार्ता की राह में रुकावट, पीएम शहबाज का दौरा बड़ा कारण!

सारांश

ईरान संघर्ष के समाधान की दिशा में दुनिया की नजरें हैं, लेकिन पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के दौरे ने वार्ता की संभावनाओं को सीमित कर दिया है। क्या निकलेगा इसका परिणाम?

Key Takeaways

  • ईरान संघर्ष का समाधान सभी की प्राथमिकता है।
  • प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का दौरा वार्ता में रुकावट पैदा कर रहा है।
  • डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता की संभावनाओं का संकेत दिया है।
  • इस्लामाबाद टॉक्स असफल रहे हैं।
  • ईरान और यूएस के बीच बातचीत की कोई निश्चित तारीख नहीं है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान संघर्ष का समाधान देखने की इच्छा पूरी दुनिया में है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शांति वार्ता के लिए हरा संकेत दिया और पाकिस्तान की सराहना करते हुए इसे वहां कराने का इशारा किया। लेकिन इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हैं।

ट्रंप ने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में बातचीत शुरू होने की संभावना है, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि प्रधानमंत्री शहबाज और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार तीन देशों के दौरे पर इस्लामाबाद से रवाना हो चुके हैं। वे 15 से 18 अप्रैल तक देश में मौजूद नहीं रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है। साफ़ है कि वार्ता को लेकर इस्लामाबाद में विशेष उत्साह नहीं है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सऊदी अरब, तुर्की और कतर के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गए हैं; इससे इस्लामाबाद में ईरान-यूएस के बीच दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीदें कम हो गई हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, द गार्डियन ने बताया कि इस स्थिति में गुरुवार को ईरान और यूएस की बातचीत होना बहुत कठिन है।

दूसरी ओर ईरानी सूत्र भी यही पुष्टि कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल कोई तारीख या स्थान तय नहीं किया गया है।

28 फरवरी को यूएस-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक में तेहरान को काफी नुकसान हुआ। 40 दिन बाद 2 हफ्तों की अस्थायी शांति का ऐलान किया गया। इस बीच 9-10 अप्रैल को इस्लामाबाद टॉक्स का आयोजन किया गया, लेकिन यह वार्ता बेनतीजा रही। उसके बाद से ही विकल्पों और संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई थी। इस दौरान ट्रंप ने द पोस्ट को दिए एक टेलीफोनिक साक्षात्कार में अगले दो दिनों में शांति वार्ता की संभावनाओं का विश्वास दिलाया था।

Point of View

यह स्पष्ट है कि वैश्विक शांति के लिए पाकिस्तान की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सही समय पर वार्ता न होने से यह प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान संघर्ष की वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान संघर्ष अभी भी जारी है और विश्व समुदाय शांति वार्ता की उम्मीद कर रहा है।
क्या पाकिस्तान में शांति वार्ता संभव है?
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के विदेश दौरे के कारण शांति वार्ता में रुकावट आ रही है।
डोनाल्ड ट्रंप का इस रिश्ते पर क्या कहना है?
डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन प्रक्रिया में बाधाएं मौजूद हैं।
इस्लामाबाद टॉक्स का क्या महत्व है?
इस्लामाबाद टॉक्स ने वार्ता की संभावनाओं पर चर्चा की, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहे।
क्या ईरान और यूएस के बीच बातचीत होगी?
वर्तमान परिस्थिति में ईरान और यूएस की बातचीत संभव नहीं लगती।
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