रूस का ईरान को यूरेनियम संवर्धन में मदद का नया प्रस्ताव
सारांश
Key Takeaways
- रूस ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन स्टॉक के लिए नया प्रस्ताव दिया है।
- यह प्रस्ताव ईरान के परमाणु कार्यक्रम को प्रभावित कर सकता है।
- अमेरिका ने ईरान से अपने संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त करने की मांग की है।
- यूरेनियम संवर्धन वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- रूस का रुख ईरान के शांतिपूर्ण उद्देश्यों के प्रति सकारात्मक है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच शीघ्र ही शांति वार्ता के नए दौर की संभावनाएं हैं। रूस की सरकारी मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूस ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन स्टॉक के मुद्दे को सुलझाने के लिए एक नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
सरकारी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को फ्यूल ग्रेड या भंडारण के सामान में परिवर्तित करने में मदद कर सकता है, बिना इसके शांतिपूर्ण संवर्धन के अधिकार का उल्लंघन किए।
ईरान का संवर्धित यूरेनियम स्टॉक अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया सीएनएन को बताया कि अमेरिका ने ईरान से अपने संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त करने की मांग की है। यह भी कहा जा रहा है कि ये संवर्धित यूरेनियम मलबे में दबा हुआ है।
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया था। बातचीत के दौरान यूरेनियम संवर्धन को रोकने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस पर रोक लगाने का आइडिया पसंद नहीं, वे इसे पूरी तरह से समाप्त करना चाहते हैं।
इससे पहले ओबामा प्रशासन के दौरान, रूस ने 2015 में जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीओपीए) के तहत ईरान के अतिरिक्त संवर्धित यूरेनियम को हटाने और उसे शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा में बदलने में तकनीकी सहायता प्रदान की थी। इस समझौते के तहत ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को रूस को स्थानांतरित किया था।
लावरोव ने कहा कि शांति वार्ता के दौरान संवर्धित यूरेनियम से संबंधित किसी भी निर्णय का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है, जो तेहरान के लंबे समय से चले आ रहे रुख के अनुरूप है कि उसका परमाणु कार्यक्रम बिजली उत्पादन और अन्य शांतिपूर्ण जरूरतों तक सीमित है।
रूस ने यह भी कहा है कि वह ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने पास रखने और उसे प्रोसेस करने में मदद करेगा। इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि यह प्रस्ताव काफी समय से लंबित है, लेकिन अब तक कुछ अंतिम रूप नहीं लिया गया है।
तास की रिपोर्ट के मुताबिक, लावरोव ने चीन के दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद कहा कि रूस, चीन और अन्य देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहा है, जो होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण सप्लाई के लिए जूझ रहे हैं।