अनिल अंबानी की 'अबोड' संपत्ति को ईडी ने किया कुर्क, कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ से अधिक

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अनिल अंबानी की 'अबोड' संपत्ति को ईडी ने किया कुर्क, कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ से अधिक

सारांश

ईडी ने अनिल अंबानी की मुंबई स्थित संपत्ति 'अबोड' को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुर्क किया है। जानें इस मामले में क्या हैं नए खुलासे और किस प्रकार से जुड़ी हैं ये संपत्तियाँ।

Key Takeaways

  • अनिल अंबानी की संपत्ति 'अबोड' को ईडी ने कुर्क किया।
  • कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
  • ईडी की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत की गई है।
  • आरकॉम पर बकाया ऋण की राशि 40,185 करोड़ रुपए है।
  • जांच में नए खुलासे हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी की मुंबई के पाली हिल में स्थित आवासीय संपत्ति 'अबोड' को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है। इस संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही, इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

ईडी के विशेष कार्यबल ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की है। इससे पहले इसी संपत्ति का एक हिस्सा 473.17 करोड़ रुपए की सीमा तक अटैच किया जा चुका था।

ईडी द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में बताया गया है कि यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 120-बी (आपराधिक साजिश), 406 (आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), अनिल अंबानी और अन्य को आरोपी बनाया गया है।

जांच में यह सामने आया है कि आरकॉम और उसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से भारी मात्रा में ऋण लिया था। इनमें से कुल 40,185 करोड़ रुपए की राशि अभी भी बकाया है, जिनमें से कई खाते एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) बन चुके हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पाली हिल की यह संपत्ति एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दी गई थी, जो अनिल अंबानी के परिवार के सदस्यों से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस कॉरपोरेट पुनर्गठन का उद्देश्य यह दिखाना था कि अनिल अंबानी का इस संपत्ति से सीधा संबंध नहीं है।

ईडी का मानना है कि इस व्यवस्था का मकसद संपत्ति को एकत्र कर धन संरक्षण और संसाधन सृजन करना तथा इसे उन व्यक्तिगत देनदारियों से बचाना था, जो अनिल अंबानी ने आरकॉम को दिए गए बैंक ऋणों के बदले पर्सनल गारंटी के रूप में ली थीं। एजेंसी के अनुसार, इस संपत्ति का वास्तविक उपयोग और लाभ अंबानी परिवार के लिए था, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के फंसे हुए कर्ज का निपटारा नहीं हो पा रहा था।

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि वह देश की वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा और सार्वजनिक धन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच करने की कार्रवाई जारी रखेगा। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

Point of View

बल्कि पूरे उद्योग जगत के लिए एक चेतावनी है।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

अनिल अंबानी की संपत्ति 'अबोड' को क्यों कुर्क किया गया?
यह संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क की गई है।
कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत क्या है?
इस संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपए है।
ईडी की कार्रवाई का आधार क्या है?
इस कार्रवाई का आधार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर है।
आरकॉम के ऊपर क्या आरोप हैं?
आरकॉम पर बैंक से लिए गए ऋणों के संबंध में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
क्या आगे की जांच जारी है?
हाँ, ईडी इस मामले में आगे की जांच जारी रखेगा।
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