वैशाख अमावस्या: प्रयागराज में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़, गंगा में स्नान कर पितरों की शांति की कर रहे हैं कामना
सारांश
Key Takeaways
- वैशाख अमावस्या का धार्मिक महत्व
- गंगा स्नान की पवित्रता
- पितरों की शांति के लिए पूजा
- दान का महत्व
- परिवार के साथ स्नान का लाभ
प्रयागराज, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू पंचांग के अनुसार आज का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज वैशाख अमावस्या का पर्व है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।
कहा जाता है कि आज मिट्टी के मटके को जल से भरकर दान करने से 100 गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है। वैशाख अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के संगम पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो रहे हैं और तीर्थयात्री संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं।
संगम के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रात: काल से स्नान कर रही है। तट पर पितरों की शांति के लिए पूजा-पाठ का आयोजन भी किया जा रहा है। संगम किनारे बैठे एक पुजारी ने बताया कि वैशाख अमावस्या केवल व्यक्तिगत कल्याण का अवसर नहीं है, बल्कि इस दिन पितरों की शांति और पिंडदान जैसे कार्यों का भी विशेष महत्व है। वैशाख महीने में जो एक बार भोजन करते हैं, वे निरोगी और भगवान के प्रिय बन जाते हैं, और उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही, वैशाख के महीने में ब्राह्मण को दिया गया दान सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। ब्राह्मणों को माला, कपड़े और गाय दान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन सुखमय बनता है।
स्नान करने आए श्रद्धालु ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि पुराणों में वैशाख महीने में गंगा स्नान और दान का अत्यधिक महत्व बताया गया है। जो अपने परिवार और घर के बुजुर्गों के साथ गंगा स्नान करता है, उसे जन्म और मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। हम अपने पूरे परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए आए हैं।
श्रद्धालु ने आगे कहा, "हम अपने पूर्वजों की शांति के लिए गंगा स्नान करने आए हैं। उनके नाम से ही दान किया जाएगा। सुबह से ही गंगा नदी के किनारे श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है और लोग दूर-दूर से गंगा स्नान के लिए आ रहे हैं। घाटों पर पितृ पूजा भी करवा सकते हैं और आज का दिन पिंडदान के लिए बहुत शुभ है।"