एमके स्टालिन का केंद्र सरकार पर हमला, परिसीमन विधेयक को बताया साजिश

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एमके स्टालिन का केंद्र सरकार पर हमला, परिसीमन विधेयक को बताया साजिश

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार पर परिसीमन विधेयक को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह विधेयक एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्रतिनिधित्व को कमजोर करना है। वे इसके खिलाफ कड़े विरोध की चेतावनी भी दे चुके हैं।

Key Takeaways

  • सीएम स्टालिन का केंद्र सरकार पर हमला
  • परिसीमन विधेयक को सोची-समझी साजिश बताया
  • राज्य के प्रतिनिधित्व में बदलाव का खतरा
  • काले झंडे लगाकर किया गया विरोध
  • तमिलनाडु की आवाज को सुनने की अपील

चेन्नई, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन विधेयक पर केंद्र सरकार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि यह समय तमिलनाडु की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की गई पोस्ट में कहा कि आज यह स्पष्ट होगा कि परिसीमन के खिलाफ उनका संघर्ष किस दिशा में बढ़ता है।

सीएम स्टालिन ने यह भी बताया कि लगातार विरोध और दबाव के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में यह आश्वासन दिया है कि तमिलनाडु की संसदीय सीटों में कोई कमी नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने इस भरोसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बातें और उनके कार्य अलग-अलग हैं।

स्टालिन ने विधेयक को एक सोची समझी साजिश करार दिया और इसे पूरी तरह से खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में परिसीमन आयोग को दिए गए व्यापक अधिकार बहुत खतरनाक हैं, जिनके जरिए किसी भी समय राज्यों के प्रतिनिधित्व में परिवर्तन किया जा सकता है।

सीएम ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए और इसे पूरी तरह से वापस लिया जाना चाहिए। यदि सरकार इसे जबरन संसद में पास कराने का प्रयास करती है, तो तमिलनाडु में इसका कड़ा विरोध होगा।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने हिंदी थोपने के खिलाफ अपने वादे को निभाया था, जबकि वर्तमान केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में उन्हें कमजोर कर रही है।

उन्होंने यह भी मांग की कि पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संविधान संशोधन के जरिए परिसीमन पर लगाई गई रोक जैसी सुरक्षा व्यवस्था फिर से लागू की जाए।

सीएम स्टालिन ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को तमिलनाडु की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने एक अखबार में विस्तृत लेख लिखा है, जिसमें परिसीमन से जुड़े खतरों को विस्तार से समझाया गया है।

इससे पहले गुरुवार को सीएम स्टालिन ने काले झंडे लगाकर इस विधेयक का विरोध किया और तमिलनाडु के सभी लोगों से अपील की थी कि वे भी अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाएं।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। परिसीमन विधेयक के संभावित प्रभावों पर चर्चा आवश्यक है, ताकि राज्य के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

परिसीमन विधेयक क्या है?
परिसीमन विधेयक एक ऐसा कानून है जो चुनावी क्षेत्रों के सीमांकन को निर्धारित करता है।
सीएम स्टालिन ने इस विधेयक के खिलाफ क्या कहा?
सीएम स्टालिन ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और इसका विरोध करने की चेतावनी दी।
केंद्र सरकार का इस विधेयक पर क्या कहना है?
केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि तमिलनाडु की संसदीय सीटों में कोई कमी नहीं की जाएगी।
इस विधेयक का तमिलनाडु पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस विधेयक से तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बदलाव आ सकता है, जिससे राज्य की आवाज कमजोर हो सकती है।
क्या तमिलनाडु में इस विधेयक का विरोध होगा?
सीएम स्टालिन ने कड़े विरोध की चेतावनी दी है यदि सरकार इसे जबरन पास कराने का प्रयास करती है।
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