सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर NCRTC की सतर्कता से बचा बच्चा, परिजनों से मिलाया
सारांश
मुख्य बातें
सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर 30 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के स्टेशन स्टाफ की त्वरित सूझबूझ ने एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने एक संदिग्ध महिला के साथ रोते हुए बच्चे को देखा, तत्काल पूछताछ की और अंततः बच्चे को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया। यह घटना नमो भारत कॉरिडोर पर यात्री सुरक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था की एक और मिसाल बन गई है।
मुख्य घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, सराय काले खां स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों की नजर एक महिला पर पड़ी जो एक छोटे बच्चे के साथ यात्रा कर रही थी। बच्चा लगातार रो रहा था और स्पष्ट रूप से परेशान व असहज दिख रहा था। स्टाफ ने महिला से बच्चे के साथ उसके संबंध के बारे में पूछताछ की। महिला ने बच्चे को अपना बताया, परंतु बच्चे ने महिला को पहचानने से इनकार कर दिया।
स्थिति संदिग्ध लगने पर स्टेशन स्टाफ ने बिना देर किए स्टेशन कंट्रोलर को सूचित किया। स्टेशन कंट्रोलर ने तत्काल केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को सतर्क किया और दिल्ली पुलिस को भी मामले की जानकारी दी। इस बीच बच्चे के माता-पिता से संपर्क स्थापित किया गया। प्रारंभिक कार्रवाई पूरी होने के बाद महिला और बच्चे को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
प्रबंध निदेशक ने की स्टाफ की प्रशंसा
NCRTC के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने इस सराहनीय कार्य के लिए स्टेशन स्टाफ की व्यक्तिगत रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली ने एक संभावित गंभीर घटना को समय रहते रोक दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा NCRTC की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से सभी कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षित किया जाता है।
पिछले मामलों का संदर्भ
गौरतलब है कि नमो भारत कॉरिडोर पर यह पहली ऐसी घटना नहीं है। NCRTC अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में कई मामलों में कर्मचारियों की सजगता से बड़ी अनहोनियाँ टाली गई हैं। सितंबर 2025 में आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर CCTV की रियल-टाइम निगरानी के दौरान तीन नाबालिग लड़कियों को चार वयस्क पुरुषों के साथ यात्रा करते देखा गया था। लड़कियाँ डरी और परेशान दिख रही थीं। जांच में सामने आया कि तीनों लड़कियाँ उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लापता थीं और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले से दर्ज थी। समय पर कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षित संबंधित अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया।
नमो भारत की सुरक्षा व्यवस्था
NCRTC के अनुसार, नमो भारत परियोजना की शुरुआत से ही अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र लागू किया गया है। सभी स्टेशनों और ट्रेनों में CCTV कैमरों के ज़रिए निरंतर निगरानी की जाती है। इन कैमरों की लाइव फीड स्टेशन कंट्रोल रूम के साथ-साथ दुहाई स्थित सिक्योरिटी कंट्रोल सेंटर (SCC) तक पहुँचती है, जहाँ से पूरे कॉरिडोर पर नज़र रखी जाती है। प्रत्येक ट्रेन में यात्रियों की सहायता के लिए अटेंडेंट भी तैनात रहते हैं।
दिल्ली खंड की सुरक्षा CISF के जिम्मे है, जबकि उत्तर प्रदेश खंड में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) सुरक्षा व्यवस्था संभालता है। स्टेशन स्टाफ को समय-समय पर मॉक ड्रिल और विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि किसी भी आपातकालीन या संदिग्ध स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई हो सके।
आगे की राह
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ सुरक्षा तंत्र और प्रशिक्षित कर्मचारियों का संयुक्त प्रयास सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बना सकता है। NCRTC के अनुसार, भविष्य में भी ऐसी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की संस्कृति को और मज़बूत किया जाएगा, ताकि नमो भारत कॉरिडोर पर हर यात्री — विशेषकर बच्चे और महिलाएँ — पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।