ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते: आरपीएफ ने बरहरवा स्टेशन से तीन नाबालिग लड़कों को बचाया, दिल्ली जाने की थी योजना
सारांश
मुख्य बातें
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 24 जून 2026 को अपने बाल-संरक्षण अभियान 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत बरहरवा रेलवे स्टेशन से तीन नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाया। मालदा डिवीजन के आरपीएफ जवानों ने सुबह करीब 5:05 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 के निकट इन बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में अकेले भटकते देखा और तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने संरक्षण में लिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई पहचान
आरपीएफ के अनुसार, नियमित गश्त के दौरान आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के अधिकारियों और जवानों की नज़र इन तीन नाबालिगों पर पड़ी, जिनका व्यवहार संदिग्ध लग रहा था। पूछताछ में बच्चों ने स्वीकार किया कि वे माता-पिता को बिना बताए घर से निकले थे और मजदूरी की तलाश में दिल्ली जाने का इरादा रखते थे। उनकी कम उम्र और असुरक्षित स्थिति को देखते हुए आरपीएफ ने उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर सुरक्षित किया।
बाल सहायता संस्था को सौंपा
तीनों बच्चों को आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया गया, जहाँ आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। इसके बाद मंथन, राजमहल, साहिबगंज के प्रतिनिधियों को सूचित किया गया। काउंसलिंग और ज़रूरी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद तीनों नाबालिगों को उचित देखभाल, परामर्श और आगे की सहायता के लिए मंथन के प्रतिनिधियों को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मालदा मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और आरपीएफ मालदा के सहायक सुरक्षा आयुक्त/प्रभारी बरुन कुमार बेहरा की देखरेख में संचालित अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' रेलवे परिसर में बच्चों की तस्करी, असुरक्षित पलायन और शोषण को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चलाई जा रही मुहिम है। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे स्टेशनों से भागे हुए या तस्करी के शिकार बच्चों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
आरपीएफ की अपील
आरपीएफ मालदा डिवीजन ने कहा है कि यह कार्रवाई कमज़ोर और असहाय यात्रियों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से आग्रह किया है कि स्टेशन परिसर या ट्रेनों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ कर्मियों को दें अथवा रेलवे हेल्पलाइन के ज़रिये सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।