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अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF ने दो नाबालिग लड़कियों को बचाया, दो आरोपी गिरफ्तार

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अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF ने दो नाबालिग लड़कियों को बचाया, दो आरोपी गिरफ्तार

सारांश

जोधपुर से बेंगलुरु ले जाई जा रही दो नाबालिग लड़कियों को RPF अहमदाबाद ने 'ऑपरेशन सेवा' के तहत समय रहते बचाया। आरोपियों ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग से लड़कियों को फँसाया था। फेंके गए मोबाइल से डेटा रिकवर कर दूसरे आरोपी को भी दबोचा गया।

मुख्य बातें

RPF अहमदाबाद ने 14 अगस्त 2026 को 'ऑपरेशन सेवा' के तहत दो नाबालिग लड़कियों को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद किया।
आरोपी आकिब अंसारी (24 वर्ष) और सैयद इब्राहिम — दोनों बेंगलुरु निवासी — गिरफ्तार।
आरोपियों ने लड़कियों से सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए संपर्क बनाया था।
फेंके गए मोबाइल फोन से डेटा रिकवर कर नडियाद रेलवे स्टेशन से फोन बरामद, दूसरे आरोपी की लाइव लोकेशन ट्रैक की गई।
आरोपियों के पास फर्जी ई-आधार कार्ड और नाबालिगों के आधार कार्ड की तस्वीरें मिलीं।
आगे की कार्रवाई के लिए मामला जोधपुर पुलिस को सौंपा जाएगा।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की अहमदाबाद इकाई ने 14 अगस्त 2026 को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन सेवा' के तहत कार्रवाई करते हुए जोधपुर से कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाई गई दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया। उन्हें बेंगलुरु ले जाने के आरोप में दो युवकों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। डिजिटल साक्ष्यों और अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय ने इस बचाव अभियान में निर्णायक भूमिका निभाई।

कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई

RPF अहमदाबाद को जोधपुर शहर के कूड़ी भगतासनी पुलिस स्टेशन से सूचना मिली कि दो नाबालिग लड़कियाँ लापता हैं और उनके ट्रेन से यात्रा करने की आशंका है। सूचना मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर ने सब-इंस्पेक्टर सोनू कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रितेश यादव और अन्य कर्मियों की एक विशेष टीम गठित की।

टीम ने ट्रेन नंबर 20693, जोधपुर-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस की जाँच के दौरान एक नाबालिग लड़की की पहचान की। उसके साथ मौजूद युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन RPF कर्मियों ने उसका पीछा कर उसे दबोच लिया। भागते समय उसने अपना मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया था, जिसमें कथित तौर पर संदेश और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए गए थे।

डिजिटल साक्ष्यों से दूसरे आरोपी तक पहुँच

बाद में पुलिस ने नडियाद रेलवे स्टेशन से वह मोबाइल फोन बरामद किया। RPF ने फोन से ज़रूरी डेटा पुनः प्राप्त कर दूसरे आरोपी का मोबाइल नंबर हासिल किया। जोधपुर पुलिस की मदद से दूसरे आरोपी की लाइव लोकेशन ट्रैक की गई और उसे दूसरी नाबालिग लड़की के साथ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आकिब अंसारी और सैयद इब्राहिम के रूप में हुई है — दोनों बेंगलुरु के निवासी हैं। उनके मोबाइल फोन से 'आर्यन' नाम से बना एक फर्जी ई-आधार कार्ड और नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें भी बरामद हुई हैं।

आरोपियों की कथित योजना

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उनकी पहचान लड़कियों से सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों ने लड़कियों को घर से निकालकर जोधपुर रेलवे स्टेशन से बेंगलुरु ले जाने की सुनियोजित योजना बनाई थी।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए नाबालिगों को बहलाने-फुसलाने के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। गौरतलब है कि RPF का 'ऑपरेशन सेवा' ऐसे ही मामलों में रेलवे नेटवर्क पर त्वरित हस्तक्षेप के लिए शुरू किया गया था।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि यात्रियों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने टीम की त्वरित कार्रवाई, सतर्कता और बेहतर समन्वय की सराहना की।

अहमदाबाद के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अंशुमन त्रिपाठी ने कहा, 'तकनीकी और डिजिटल सबूतों की मदद से पहले आरोपी का पता लगाया गया, जबकि उसके मोबाइल फोन से मिली जानकारी के आधार पर दूसरे आरोपी को खोजा गया।' उन्होंने सफल बचाव अभियान का श्रेय जोधपुर पुलिस और RPF के आपसी समन्वय को दिया।

आगे की कानूनी कार्रवाई

दोनों लड़कियों और आरोपियों को पहले RPF पोस्ट अहमदाबाद लाया गया, फिर लिखित मेमोरेंडम के ज़रिए जीआरपी अहमदाबाद को सौंपा गया। इसके बाद उन्हें जोधपुर के संबंधित पुलिस अधिकारियों के हवाले किया जाना है। इस पूरे अभियान में RPF अहमदाबाद, GRP अहमदाबाद और जोधपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से काम किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे प्लेटफॉर्म नाबालिगों की पहचान सत्यापन में कितनी लापरवाही बरत रहे हैं। फर्जी आधार कार्ड की बरामदगी दस्तावेज़ सत्यापन की खामियों को भी उजागर करती है। जब तक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसे मामले थमने वाले नहीं हैं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF ने किसे और कैसे बचाया?
RPF अहमदाबाद ने 14 अगस्त 2026 को 'ऑपरेशन सेवा' के तहत जोधपुर से कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाई गई दो नाबालिग लड़कियों को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित बरामद किया। जोधपुर पुलिस की सूचना पर टीम ने जोधपुर-बेंगलुरु एक्सप्रेस की जाँच कर पहली लड़की को पहचाना और आरोपी को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आकिब अंसारी और सैयद इब्राहिम के रूप में हुई है, दोनों बेंगलुरु के निवासी हैं। उन पर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर जोधपुर से बेंगलुरु ले जाने का आरोप है। उनके पास फर्जी ई-आधार कार्ड और लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें भी मिली हैं।
आरोपियों ने लड़कियों से संपर्क कैसे बनाया था?
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने लड़कियों से सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए संपर्क किया था। इसके बाद उन्होंने लड़कियों को घर से निकालकर जोधपुर रेलवे स्टेशन से बेंगलुरु ले जाने की योजना बनाई।
डिजिटल साक्ष्यों ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
पहले आरोपी ने भागते समय मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया था। RPF ने नडियाद रेलवे स्टेशन से वह फोन बरामद कर उसमें से ज़रूरी डेटा पुनः प्राप्त किया और दूसरे आरोपी का नंबर हासिल किया। जोधपुर पुलिस की मदद से उसकी लाइव लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार किया गया।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
दोनों लड़कियों और आरोपियों को RPF पोस्ट अहमदाबाद से GRP अहमदाबाद को सौंपा गया है। इसके बाद उन्हें जोधपुर के कूड़ी भगतासनी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के हवाले किया जाएगा, जहाँ आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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