झारखंड: सिमडेगा पुलिस ने मानव तस्करों से तीन नाबालिग बच्चियों को कराया मुक्त, दो आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- तीन नाबालिग बच्चियाँ मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त।
- सिमडेगा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सफल रेस्क्यू।
- दो तस्करों की गिरफ्तारी, एक स्थानीय महिला और एक पुरुष।
- बच्चियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान।
- सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता।
सिमडेगा, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के सिमडेगा जिले में पुलिस ने तीन नाबालिग बच्चियों को मानव तस्करों के चंगुल से सुरक्षित रूप से मुक्त किया है। डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने बताया कि पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के एक दूरस्थ गांव से तीन नाबालिग बच्चियों को काम दिलाने के बहाने बाहरी महानगर ले जाने की योजना बनाई जा रही थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए, सिमडेगा एसपी के निर्देश पर मानव तस्करी विरोधी इकाई और मुफस्सिल थाना की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और तीनों बच्चियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में दो सक्रिय तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश निवासी अमित गुप्ता और स्थानीय महिला देवसनी कुमारी के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने कई मोबाइल फोन और दिल्ली जाने के रेलवे टिकट भी बरामद किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बच्चियों को राज्य से बाहर ले जाने की पूरी योजना तैयार थी।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को सुसंगत धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस धंधे में शामिल अन्य सफेदपोशों और बिचौलियों तक पहुंचा जा सके। रेस्क्यू की गई तीनों नाबालिग बच्चियों को फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनके मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
सिमडेगा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई बाहरी व्यक्ति संदिग्ध रूप से बच्चों को बाहर ले जाने का लालच देता है तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी थाने को दें।