कल्याण रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की सतर्कता से यात्री की जान बची
सारांश
Key Takeaways
- आरपीएफ जवानों की सतर्कता ने एक जीवन को बचाया।
- चलती ट्रेन के बीच फंसने वाले यात्रियों के लिए सतर्कता जरूरी है।
- सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि हुई।
- यात्री की जल्दबाजी खतरनाक साबित हो सकती है।
- सुरक्षा में सजगता का महत्व।
कल्याण, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कल्याण रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की सतर्कता के कारण एक बड़ा दुर्घटना टल गया। एक यात्री जो चलती ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंस गए थे, उनकी जान बच गई। यह घटना प्लेटफार्म नंबर ४ पर हुई, जब पुणे-सतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना होने वाली थी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के ६३ वर्षीय यात्री अश्विनी कुमार बर्वे ट्रेन में सवार होने की कोशिश कर रहे थे। वे वास्तव में चाय पीने के लिए प्लेटफार्म पर उतरे थे। जैसे ही ट्रेन चल पड़ी, वे जल्दी में चढ़ने लगे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन तथा प्लेटफार्म के बीच के खतरनाक स्थान में फंस गए। स्थिति बहुत गंभीर थी और एक बड़ा हादसा हो सकता था।
ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के प्रधान आरक्षक गजानन अंभोरे और एमएसएफ जवान विशाल जाधव ने इस घटना को देखा और तुरंत समझ गए कि यात्री की जान खतरे में है। दोनों जवानों ने बिना समय गंवाए दौड़ लगाई और बड़ी सतर्कता से यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी इस बहादुरी के कारण यात्री की जान बच गई।
बचाए गए यात्री अश्विनी कुमार बर्वे ने बाद में बताया कि वे चाय पीने प्लेटफार्म पर उतरे थे। ट्रेन छूटते देख वे घबरा गए और जल्दी में चढ़ने की कोशिश की, जिससे उनका पैर फिसल गया। उन्होंने आरपीएफ जवानों का दिल से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी सतर्कता ने उन्हें मौत के मुंह से बचा लिया।
इस पूरी घटना को स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों ने रिकॉर्ड किया है। फुटेज में यह देखा जा सकता है कि कैसे दोनों जवान तेजी से दौड़े और यात्री को बचाया। स्टेशन परिसर में इस घटना की काफी चर्चा हो रही है। लोगों ने आरपीएफ जवानों की सराहना की है, कहा गया कि इन जवानों की मुस्तैदी और साहस ने एक परिवार को दुख से बचाया।
रेलवे स्टेशनों पर अक्सर यात्री जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश करते हैं, जिससे ऐसे हादसे हो सकते हैं।