क्या राष्ट्रपति मुर्मू ने बोत्सवाना की यात्रा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की?
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नई दिल्ली, 12 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वर्तमान में छह दिवसीय अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं। चार दिवसीय अंगोला यात्रा के बाद, वे अब बोत्सवाना के दो दिवसीय दौरे पर पहुंची हैं।
इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को गैबोरोन में राष्ट्रपति कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस अवसर पर, बोत्सवाना गणराज्य के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की।
बैठक में, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारत में चीता भेजने पर सहमति व्यक्त करने के लिए राष्ट्रपति बोको और बोत्सवाना के नागरिकों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर, बोत्सवाना के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती भारतीय दवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।
अफ्रीका की इस यात्रा के अंतिम चरण में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोत्सवाना के गैबोरोन स्थित सर सेरेत्से खामा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है। भारत-बोत्सवाना मैत्री की गहराई को दर्शाते हुए, हवाई अड्डे पर आगमन पर राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने उनका स्वागत किया और उन्हें औपचारिक स्वागत एवं गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंगोला की राजधानी लुआंडा में भारत के राजदूत द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-अंगोला साझेदारी समानता, आपसी विश्वास और प्रगति की साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के अपार अवसर मौजूद हैं। उन्होंने अंगोला में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भारत और अंगोला की साझा समृद्धि को साकार करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।