एफएसएसएआई ने डाबर के '100% शुद्ध' दावे वाले उत्पादों की बिक्री रोकी, शेयर 2.85% टूटा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 4 अगस्त 2026 को डाबर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया, जिन पर '100 प्रतिशत शुद्ध', '100 प्रतिशत नेचुरल' और '100 प्रतिशत प्यूरिटी गारंटीड' जैसे दावे किए गए थे। नियामक के अनुसार, ये दावे अस्पष्ट, अप्रमाणित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने की संभावना रखते हैं।
किन उत्पादों पर लगी रोक
एफएसएसएआई ने जिन उत्पादों की बिक्री रोकने का निर्देश दिया है, उनमें '100 प्रतिशत टेंडर कोकोनट वाटर' और डाबर होममेड कोकोनट मिल्क शामिल हैं। नियामक ने स्पष्ट किया कि कंपाउंड फूड प्रोडक्ट्स के लिए '100 प्रतिशत शुद्धता' का दावा करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर एफएसएसएआई की वैध ऑर्गेनिक मंजूरी के बिना 'जैविक भारत' लोगो प्रदर्शित किया गया था।
नियामकीय उल्लंघन की प्रकृति
एफएसएसएआई के अनुसार, '100 प्रतिशत' श्रेणी के दावों का उपयोग खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन एवं दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन है। वहीं, बिना अनुमोदन के 'जैविक भारत' लोगो का प्रयोग फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (ऑर्गेनिक फूड्स) रेगुलेशंस, 2017 के प्रावधानों के विरुद्ध बताया गया है। गौरतलब है कि नियामक ने इससे पहले भी कंपनी को इन भ्रामक दावों को बंद करने का नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई संतोषजनक सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
डाबर को क्या करना होगा
एफएसएसएआई ने डाबर इंडिया को निर्देश दिया है कि वह चिह्नित उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करे और 15 दिनों के भीतर 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (एटीआर) जमा करे। यह कदम एफएमसीजी क्षेत्र में उत्पाद लेबलिंग और विज्ञापन दावों पर नियामकीय निगरानी के बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
शेयर बाज़ार पर असर
इस कार्रवाई की खबर आते ही डाबर इंडिया के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह 11:30 बजे कंपनी का शेयर 2.85 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹413.65 पर कारोबार कर रहा था। बीते एक महीने में शेयर 8 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में 17 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुका है, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को उजागर करता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब एफएसएसएआई खाद्य उत्पादों पर भ्रामक दावों के खिलाफ अपनी प्रवर्तन कार्रवाई को तेज़ कर रहा है। डाबर को अब अपने उत्पाद लेबल और विज्ञापन सामग्री की व्यापक समीक्षा करनी होगी। एटीआर जमा होने के बाद नियामक की अगली कार्रवाई तय करेगी कि कंपनी पर अतिरिक्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे या नहीं।