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सीसीपीए ने स्टोरिया फूड्स और इंग्लिश ओवन पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, '100%' दावे भ्रामक पाए गए

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सीसीपीए ने स्टोरिया फूड्स और इंग्लिश ओवन पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, '100%' दावे भ्रामक पाए गए

सारांश

सीसीपीए ने स्टोरिया फूड्स और इंग्लिश ओवन पर '100%' के झूठे दावों के लिए ₹1-1 लाख का जुर्माना ठोका — नारियल पानी में सांद्रण महज 9.6% था और ब्रेड में आटा 87%। यह कार्रवाई खाद्य क्षेत्र में भ्रामक लेबलिंग पर नियामक की बढ़ती सख्ती का साफ संकेत है।

मुख्य बातें

सीसीपीए ने 21 जून 2026 को स्टोरिया फूड्स और इंग्लिश ओवन पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया।
स्टोरिया फूड्स के नारियल पानी में नारियल का सांद्रण मात्र 9.6 प्रतिशत था, जबकि दावा '100% कोमल नारियल पानी' का था।
इंग्लिश ओवन की ब्रेड में साबुत गेहूं का आटा 87 प्रतिशत था, फिर भी '100% आटा ब्रेड' का विज्ञापन किया गया।
दोनों कंपनियों को पैकेजिंग, वेबसाइट और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से विवादित दावे तत्काल हटाने का आदेश मिला।
कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और भ्रामक विज्ञापन दिशानिर्देश, 2022 के तहत की गई।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 21 जून 2026 को स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड और श्रीमती बेक्टर्स फूड स्पेशियलिटीज लिमिटेड (इंग्लिश ओवन) पर खाद्य उत्पादों में '100 प्रतिशत' के भ्रामक दावों के लिए ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।

क्या है मामला

प्राधिकरण ने दोनों कंपनियों को जुर्माने के साथ-साथ अपने उत्पाद पैकेजिंग, वेबसाइटों और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से विवादित दावों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम हेतु दिशानिर्देश, 2022 के तहत की गई है।

स्टोरिया फूड्स पर क्या आरोप

सीसीपीए ने स्टोरिया फूड्स के विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें '100 प्रतिशत कोमल नारियल पानी' और अन्य फलों के '100 प्रतिशत जूस' होने का दावा किया गया था। जाँच में पाया गया कि उत्पाद वास्तव में नारियल पानी के गाढ़े घोल को पानी के साथ पुनर्गठित करके बनाया गया था, जिसमें नारियल पानी का सांद्रण मात्र 9.6 प्रतिशत था।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि एक सामान्य उपभोक्ता '100% कच्चे नारियल का पानी' का अर्थ पूरी तरह प्राकृतिक और अप्रसंस्कृत नारियल जल से बने उत्पाद के रूप में समझेगा — जो इस मामले में सच नहीं था।

इंग्लिश ओवन पर क्या मिला

इंग्लिश ओवन के विज्ञापनों में '100 प्रतिशत आटा ब्रेड' का दावा किया गया था। जाँच के दौरान कंपनी ने स्वयं स्वीकार किया कि उसके ब्रेड उत्पादों में साबुत गेहूं का आटा केवल 87 प्रतिशत है।

सीसीपीए ने कहा कि जिस उत्पाद में 87 प्रतिशत साबुत गेहूं का आटा हो, उसे '100 प्रतिशत आटा ब्रेड' या '100 प्रतिशत साबुत गेहूं की ब्रेड' के रूप में विज्ञापित नहीं किया जा सकता।

सीसीपीए का रुख

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि '100 प्रतिशत' एक सटीक और पूर्ण संख्यात्मक दावा है — इसे मार्केटिंग की भाषा में लापरवाही से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसा कोई भी दावा उत्पाद की वास्तविक संरचना से पूरी तरह मेल खाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य क्षेत्र में भ्रामक लेबलिंग के मामलों पर नियामक निगरानी लगातार कड़ी हो रही है।

आगे क्या होगा

दोनों कंपनियों को अपने सभी प्लेटफॉर्म से विवादित दावे हटाने होंगे। गौरतलब है कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले खाद्य विज्ञापनों के खिलाफ सीसीपीए की बढ़ती सक्रियता का हिस्सा है, और भविष्य में अन्य कंपनियों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह खाद्य विपणन में दशकों से चली आ रही 'शब्दों की बाजीगरी' पर सीधा प्रहार है। '100%' जैसे दावे उपभोक्ताओं को प्रीमियम कीमत चुकाने पर मजबूर करते हैं, जबकि उत्पाद की वास्तविकता कहीं और होती है। सवाल यह है कि क्या ₹1 लाख का जुर्माना करोड़ों के विज्ञापन बजट वाली कंपनियों के लिए पर्याप्त निवारक है — या यह महज एक प्रतीकात्मक कदम है जिसे नज़रअंदाज़ करना आसान है। जब तक दंड की राशि व्यावसायिक लाभ के अनुपात में नहीं होगी, ऐसे भ्रामक दावे बाज़ार से पूरी तरह नहीं हटेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीसीपीए ने स्टोरिया फूड्स और इंग्लिश ओवन पर जुर्माना क्यों लगाया?
सीसीपीए ने दोनों कंपनियों पर '100 प्रतिशत' के भ्रामक विज्ञापन दावों के लिए ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया। स्टोरिया फूड्स का नारियल पानी पुनर्गठित सांद्रण से बना था और इंग्लिश ओवन की ब्रेड में केवल 87% साबुत गेहूं का आटा था।
स्टोरिया फूड्स के नारियल पानी में वास्तव में क्या था?
स्टोरिया फूड्स का उत्पाद नारियल पानी के गाढ़े घोल को पानी में पुनर्गठित करके बनाया गया था, जिसमें नारियल पानी का सांद्रण मात्र 9.6 प्रतिशत था। इसके बावजूद इसे '100% कोमल नारियल पानी' के रूप में विज्ञापित किया जा रहा था।
इंग्लिश ओवन के खिलाफ सीसीपीए को क्या आपत्ति थी?
इंग्लिश ओवन अपनी ब्रेड को '100% आटा ब्रेड' बता रही थी, जबकि जाँच में कंपनी ने खुद माना कि उत्पाद में साबुत गेहूं का आटा केवल 87 प्रतिशत है। सीसीपीए ने कहा कि ऐसे उत्पाद को '100%' नहीं कहा जा सकता।
दोनों कंपनियों को क्या करना होगा अब?
दोनों कंपनियों को ₹1-1 लाख का जुर्माना भरने के साथ-साथ अपने उत्पाद पैकेजिंग, वेबसाइटों और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से विवादित '100%' दावे तत्काल हटाने होंगे।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत हुई?
यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम हेतु दिशानिर्देश, 2022 के प्रावधानों के तहत की गई है। ये दिशानिर्देश विज्ञापन दावों को उत्पाद की वास्तविक संरचना से पूरी तरह मेल खाने पर जोर देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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