हैंडलूम हैकाथॉन 2026 लॉन्च: हथकरघा क्षेत्र में नवाचार के लिए 1 अगस्त को IIT दिल्ली में ग्रैंड फिनाले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने 8 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्तर की नवाचार प्रतियोगिता 'हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – बुनाई नवाचार' का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य भारत के हथकरघा क्षेत्र में तकनीक, डिजाइन, उद्यमिता और टिकाऊ समाधानों को प्रोत्साहित करना है। मंत्रालय के तहत विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 1 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) में होगा।
हैकाथॉन की मुख्य संरचना
यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित की जा रही है। ग्रैंड फिनाले में चयनित टीमें अपने नवाचार और समाधान प्रस्तुत करेंगी, जिनका मूल्यांकन शिक्षा जगत, उद्योग, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और हथकरघा क्षेत्र के विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जाएगा।
इच्छुक प्रतिभागी 20 जुलाई 2026 तक हैकाथॉन के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। पंजीकरण की यह अंतिम तिथि सभी श्रेणियों के प्रतिभागियों पर समान रूप से लागू होगी।
कौन ले सकता है भाग
इस प्रतियोगिता में वस्त्र, फैशन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के छात्र, हथकरघा बुनकर, कारीगर, शोधकर्ता, स्टार्टअप, उद्यमी, नवोन्मेषक और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर भाग ले सकते हैं। गौरतलब है कि यह मंच बुनकरों, छात्रों, डिजाइनरों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास करता है।
किन विषयों पर आमंत्रित हैं समाधान
हैकाथॉन के अंतर्गत उत्पाद और डिजाइन नवाचार, सतत विकास और सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल तकनीक, बाज़ार तक पहुँच, ब्रांडिंग, सप्लाई चेन दक्षता, उत्पादकता वृद्धि, व्यवसाय विकास और सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर नवाचारी समाधान आमंत्रित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे व्यावहारिक और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों की पहचान करना है, जिन्हें साझेदार संस्थानों के सहयोग से मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और आगे के विकास के लिए चुना जा सके।
विकास आयुक्त का बयान
विकास आयुक्त (हैंडलूम) एम. बीना ने कहा कि 'हैंडलूम हैकाथॉन 2026' का उद्देश्य भारत के युवाओं की रचनात्मक सोच को देश की समृद्ध हथकरघा विरासत से जोड़ना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के माध्यम से ऐसे समाधान विकसित करने का प्रयास किया जाएगा जो हथकरघा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करें, इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएँ और सतत विकास में योगदान दें।
व्यापक लक्ष्य और आगे की राह
वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, यह पहल हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के हथकरघा पारिस्थितिकी तंत्र और देश के नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सेतु का काम करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब हथकरघा क्षेत्र मशीन-निर्मित वस्त्रों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाज़ार तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।