दिल्ली में 'हरित मंथन 2026': डीडीए ने चुने तीन विजेता, शहर के हरित क्षेत्रों के लिए नए समाधान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शहर के पार्कों और हरित क्षेत्रों की देखरेख को नवीनतम तरीकों से करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ मिलकर 'हरित मंथन 2026' नामक एक राष्ट्रीय स्तर का हैकाथॉन आयोजित किया।
इस प्रतियोगिता में तीन विजेताओं का चयन किया गया। यह जानकारी रविवार को एक अधिकारी ने दी।
इस आयोजन में शीर्ष तीन विजेता टीमों को डीडीए द्वारा 10 लाख रुपए तक की प्रारंभिक फंडिंग दी गई। इनमें से दो टीमें टेक्नोलॉजी ट्रैक से और एक पॉलिसी ट्रैक से हैं। साथ ही, उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के स्टार्टअप इकोसिस्टम ‘उधमोदय फाउंडेशन’ के माध्यम से इनक्यूबेशन का अवसर भी मिला।
इससे पहले शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कार्यक्रम के दूसरे दिन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास, सार्वजनिक ढांचे और पर्यावरण की सुरक्षा में युवाओं के नए विचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने कहा कि 'हरित मंथन' को एक बार होने वाले कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा गया है, बल्कि यह डीडीए की उस सोच का हिस्सा है जिसमें नए विचारों को अपनाकर उन्हें परखा और आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम इनोवेशन के लिए डीडीए के सिस्टम को खोलने की एक बड़ी और निरंतर चलने वाली प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऐसे समाधानों की पहचान करना है जिन्हें समय के साथ प्राधिकरण के इकोसिस्टम में परखा, बेहतर बनाया और बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।
17 और 18 अप्रैल को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम ने युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने पर्यावरण की देखभाल और शहरी हरित क्षेत्रों के टिकाऊ विकास के लिए नए, व्यावहारिक और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधान प्रस्तुत किए।
विजेता टीमों ने अपने अनोखे, मजबूत और व्यवहारिक विचारों से खुद को अलग साबित किया और शहरी हरियाली के क्षेत्र में नवाचार का एक नया स्तर स्थापित किया।
डीडीए ने यह भी कहा कि जो टीमें विजयी नहीं हो सकीं, उन्हें भी ‘उधमोदय फाउंडेशन’ के साथ मिलकर अपने विचारों को आगे विकसित करने का अवसर मिलेगा।
डीडीए देश की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक है, जो शहर के पर्यावरण से जुड़े ढांचे की देखभाल करती है। यह दिल्ली में 16,000 एकड़ से अधिक पार्क, बायोडायवर्सिटी क्षेत्र और सिटी फॉरेस्ट का प्रबंधन करती है। इतने बड़े स्तर पर कार्य करने के कारण, डीडीए को ऐसे सस्ते और उपयोगी तकनीकी समाधानों की आवश्यकता होती है जिन्हें आसानी से लागू किया जा सके।
‘हरित मंथन 2026’ इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था, ताकि युवा नए और उपयोगी समाधान तैयार कर सकें, जो वास्तविकता में भी काम आ सकें।
इस हैकाथॉन में लगभग 50 टीमों ने भाग लिया, जो 7 राज्यों के 31 कॉलेजों का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। प्रतियोगिता दो श्रेणियों टेक्नोलॉजी और पॉलिसी में आयोजित की गई थी।