3 अगस्त 2026
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NSUT द्वारका में अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले — युवा अब नौकरी देने वाले बनें

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NSUT द्वारका में अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले — युवा अब नौकरी देने वाले बनें

सारांश

द्वारका के NSUT में अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन हुआ — शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने साफ़ कहा: दिल्ली का युवा अब नौकरी खोजने नहीं, नौकरी देने निकला है। AI, रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी में काम कर रहे छात्रों के लिए यह केंद्र मेंटरशिप और संस्थागत सहायता का नया अड्डा बनेगा।

मुख्य बातें

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 18 जून 2026 को NSUT, द्वारका में अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) का उद्घाटन किया।
केंद्र का उद्देश्य युवा इनोवेटर्स को मेंटरशिप, मार्गदर्शन और संस्थागत सहायता देकर उनके विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलना है।
सूद ने AI, रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी में काम कर रहे छात्रों का विशेष उल्लेख किया।
12 जनवरी के स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल को दिल्ली की उद्यमशीलता चेतना के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया गया।
सरकार का लक्ष्य दिल्ली को देश की प्रमुख स्टार्टअप राजधानी बनाना और युवाओं को नौकरी देने वाला बनाना है।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 18 जून 2026 को द्वारका स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) में अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) का औपचारिक उद्घाटन किया। उनके अनुसार यह केंद्र छात्रों और युवा इनोवेटर्स को मेंटरशिप, संस्थागत सहायता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन देकर उनके नवाचारों को व्यावसायिक स्टार्टअप में रूपांतरित करने का मंच बनेगा।

उद्घाटन समारोह में क्या बोले शिक्षा मंत्री

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आशीष सूद ने कहा कि देश के युवा अब पारंपरिक सोच से आगे निकल चुके हैं — वे केवल रोज़गार खोजने की बजाय रोज़गार सृजित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आज का युवा कॉलेज कैंपस में बैठकर केवल प्लेसमेंट का इंतज़ार नहीं करता, बल्कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म और तकनीक विकसित कर रहा है जो भविष्य में सैकड़ों लोगों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करेंगे।'

सूद ने बताया कि हाल के दिनों में उनकी मुलाकात कई ऐसे छात्रों से हुई है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अभिनव समाधान विकसित कर रहे हैं। उनके अनुसार यह बदलाव रातोंरात नहीं आया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तैयार हुए एक व्यापक उद्यमिता आंदोलन का परिणाम है।

स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल का संदर्भ

12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि उस आयोजन में हज़ारों युवाओं की आँखों में कुछ नया करने का जुनून स्पष्ट दिखा। उन्होंने कहा कि वह महज़ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इस बात की घोषणा थी कि दिल्ली का युवा अब पुरानी लीक पर चलने को तैयार नहीं है और बड़े सपनों को साकार करने के लिए जोखिम उठाने को तत्पर है।

AIC और NSUT का संयुक्त नवाचार इकोसिस्टम

मीडिया से बातचीत में आशीष सूद ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित यह इनक्यूबेशन सेंटर और NSUT मिलकर एक ऐसा नवाचार इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ युवाओं को असफलता का भय न हो, सफलता पर सही दिशा में आगे बढ़ने का अवसर हो और अनुभवी विशेषज्ञों से उचित मार्गदर्शन मिले।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र न केवल नए स्टार्टअप्स को विकसित करने में मदद करेगा, बल्कि तकनीक-आधारित समाधान तैयार कर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मज़बूती देगा।

आगे की राह: दिल्ली को स्टार्टअप राजधानी बनाने का लक्ष्य

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में इस सेंटर से निकलने वाले स्टार्टअप्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएंगे तथा दिल्ली को देश की प्रमुख स्टार्टअप राजधानी बनाने में योगदान देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में इनक्यूबेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर ज़ोर दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन देशभर में ऐसे दर्जनों इनक्यूबेटर पहले से मौजूद हैं जिनकी सफलता दर और स्टार्टअप-टू-स्केल अनुपात कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। असली कसौटी यह होगी कि इस केंद्र से कितने स्टार्टअप फंडिंग राउंड तक पहुँचते हैं और कितने रोज़गार वास्तव में सृजित होते हैं — न कि केवल पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या। दिल्ली में उद्यमिता की ललक तो है, पर मेंटरशिप की गुणवत्ता और इंडस्ट्री कनेक्टिविटी बिना पारदर्शी मूल्यांकन के महज़ नारा बनकर रह जाती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSUT में अटल इनक्यूबेशन सेंटर क्या है?
यह द्वारका स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) में स्थापित एक स्टार्टअप इनक्यूबेशन केंद्र है, जिसका उद्घाटन 18 जून 2026 को हुआ। यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित है और युवा इनोवेटर्स को मेंटरशिप व संस्थागत सहायता देगा।
इस केंद्र से युवाओं को क्या फायदा होगा?
केंद्र AI, रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे छात्रों को अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, असफलता-मुक्त वातावरण और स्टार्टअप को आगे बढ़ाने की संस्थागत सहायता प्रदान करेगा। शिक्षा मंत्री के अनुसार इसका लक्ष्य युवाओं को नौकरी खोजने वाले से नौकरी देने वाले में बदलना है।
अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किसने किया?
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 18 जून 2026 को NSUT, द्वारका में इस केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया।
दिल्ली सरकार का स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए क्या विज़न है?
दिल्ली सरकार का लक्ष्य NSUT और AIC की संयुक्त पहल के ज़रिए दिल्ली को देश की प्रमुख स्टार्टअप राजधानी बनाना है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने उम्मीद जताई कि इस केंद्र से निकलने वाले स्टार्टअप्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएंगे।
स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल का इस पहल से क्या संबंध है?
12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल को शिक्षा मंत्री ने दिल्ली की उद्यमशीलता चेतना के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार उस आयोजन ने यह संदेश दिया कि दिल्ली का युवा पुरानी लीक छोड़कर जोखिम उठाने और बड़े सपने देखने को तैयार है।
राष्ट्र प्रेस
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