NSUT द्वारका में अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले — युवा अब नौकरी देने वाले बनें
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 18 जून 2026 को द्वारका स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) में अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) का औपचारिक उद्घाटन किया। उनके अनुसार यह केंद्र छात्रों और युवा इनोवेटर्स को मेंटरशिप, संस्थागत सहायता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन देकर उनके नवाचारों को व्यावसायिक स्टार्टअप में रूपांतरित करने का मंच बनेगा।
उद्घाटन समारोह में क्या बोले शिक्षा मंत्री
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आशीष सूद ने कहा कि देश के युवा अब पारंपरिक सोच से आगे निकल चुके हैं — वे केवल रोज़गार खोजने की बजाय रोज़गार सृजित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आज का युवा कॉलेज कैंपस में बैठकर केवल प्लेसमेंट का इंतज़ार नहीं करता, बल्कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म और तकनीक विकसित कर रहा है जो भविष्य में सैकड़ों लोगों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करेंगे।'
सूद ने बताया कि हाल के दिनों में उनकी मुलाकात कई ऐसे छात्रों से हुई है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अभिनव समाधान विकसित कर रहे हैं। उनके अनुसार यह बदलाव रातोंरात नहीं आया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तैयार हुए एक व्यापक उद्यमिता आंदोलन का परिणाम है।
स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल का संदर्भ
12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि उस आयोजन में हज़ारों युवाओं की आँखों में कुछ नया करने का जुनून स्पष्ट दिखा। उन्होंने कहा कि वह महज़ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इस बात की घोषणा थी कि दिल्ली का युवा अब पुरानी लीक पर चलने को तैयार नहीं है और बड़े सपनों को साकार करने के लिए जोखिम उठाने को तत्पर है।
AIC और NSUT का संयुक्त नवाचार इकोसिस्टम
मीडिया से बातचीत में आशीष सूद ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित यह इनक्यूबेशन सेंटर और NSUT मिलकर एक ऐसा नवाचार इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ युवाओं को असफलता का भय न हो, सफलता पर सही दिशा में आगे बढ़ने का अवसर हो और अनुभवी विशेषज्ञों से उचित मार्गदर्शन मिले।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र न केवल नए स्टार्टअप्स को विकसित करने में मदद करेगा, बल्कि तकनीक-आधारित समाधान तैयार कर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मज़बूती देगा।
आगे की राह: दिल्ली को स्टार्टअप राजधानी बनाने का लक्ष्य
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में इस सेंटर से निकलने वाले स्टार्टअप्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएंगे तथा दिल्ली को देश की प्रमुख स्टार्टअप राजधानी बनाने में योगदान देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में इनक्यूबेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर ज़ोर दिया जा रहा है।