क्या दिल्ली देश की स्टार्टअप राजधानी बनने की दिशा में है? आशीष सूद का विजन

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क्या दिल्ली देश की स्टार्टअप राजधानी बनने की दिशा में है? आशीष सूद का विजन

सारांश

क्या दिल्ली वास्तव में स्टार्टअप्स का गढ़ बनने जा रही है? शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस दिशा में सरकार की योजनाओं और युवा उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी। जानें इस महोत्सव में क्या खास है!

Key Takeaways

  • दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
  • 75,000 से अधिक छात्र और युवा नवोन्मेषक जुड़े हैं।
  • 470 से अधिक स्टार्टअप्स का इनक्यूबेशन किया जा रहा है।
  • प्रत्येक स्टार्टअप औसतन 4-5 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर रहा है।
  • दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025 का प्रस्तावित है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। युवा उद्यमिता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, दिल्ली सरकार प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीटीई) के माध्यम से दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का आयोजन कर रही है। यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य छात्र-नेतृत्व वाले और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना और दिल्ली के कैंपस-टू-मार्केट स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करना है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को एकीकृत करने की सरकार की सोच को दर्शाती है। डीटीटीई सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत बनाने और युवाओं को उद्यमिता को एक मुख्यधारा करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 75,000 से अधिक छात्र और युवा नवोन्मेषक डीटीटीई द्वारा समर्थित उद्यमिता और नवाचार कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जिनकी भागीदारी हर वर्ष 25–30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। सरकारी संस्थानों में 470 से अधिक स्टार्टअप्स का इनक्यूबेशन किया जा रहा है, जो प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, सतत विकास, शिक्षा, विनिर्माण और रचनात्मक उद्योगों जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

सूद ने आगे कहा कि डीटीटीई समर्थित स्टार्टअप्स पहले वर्ष में औसतन प्रति स्टार्टअप 4–5 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर रहे हैं, जिससे युवा रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। प्रारंभिक चरण के मानकों के आधार पर, इन स्टार्टअप्स ने सामूहिक रूप से अनुमानित 500-600 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त किया है, जो दिल्ली के सार्वजनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार लक्षित नीतिगत समर्थन के माध्यम से इस इकोसिस्टम को लगातार सशक्त कर रही है। इसमें प्रस्तावित दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025 शामिल है, जिसके तहत 5 वर्षों में 325 करोड़ रुपये का प्रावधान और वर्ष 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही इनक्यूबेशन केंद्रों, इनोवेशन लैब्स का विस्तार और छात्र उद्यमियों, महिला संस्थापकों और प्रथम-पीढ़ी के नवप्रवर्तकों के लिए विशेष सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को प्रदर्शित करने, उद्यमियों को निवेशकों और मेंटर्स से जोड़ने और नवाचार-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। इस महोत्सव को स्टार्टअप पिचिंग और नवाचार प्रतियोगिताओं के लिए 750 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और इसमें संरचित मेंटरशिप और प्रत्यक्ष निवेशक पिचिंग के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

Point of View

बल्कि दिल्ली की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। सरकार का यह प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य छात्र-नेतृत्व वाले और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना है।
डीटीटीई का क्या योगदान है?
डीटीटीई स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत बनाने और युवाओं को उद्यमिता में प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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