मेलबर्न में मोदी: मार्वल स्टेडियम में 30,000 से अधिक भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई, ऑस्ट्रेलिया में किसी विश्व नेता की अब तक की सबसे बड़ी सभा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में भारतीय समुदाय को संबोधित करने से पहले 30,000 से अधिक लोग वहाँ एकत्रित हो गए — जो ऑस्ट्रेलिया में किसी भी विश्व नेता के लिए अब तक की सबसे बड़ी जनसभा बन गई है। 'मेलबर्न मीट्स मोदी' नाम के इस कार्यक्रम में भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ 'मोदी, मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा स्टेडियम गूँज उठा।
मार्वल स्टेडियम में उत्साह का माहौल
पूरे स्टेडियम में भारतीय तिरंगे और ऑस्ट्रेलियाई झंडे एक साथ लहरा रहे थे, जो दोनों देशों के बीच गहरे जन-संबंधों का प्रतीक बने। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जोशीले संगीत ने माहौल को और ऊर्जावान बना दिया। हज़ारों लोग प्रधानमंत्री के मंच पर आने का बेसब्री से इंतज़ार करते रहे।
कार्यक्रम में शामिल एक भारतीय समुदाय के सदस्य ने कहा, 'सच में मेलबर्न के बीचों-बीच इतिहास बनने जा रहा है।' एक अन्य उपस्थित व्यक्ति ने कहा, 'मैं आज बहुत, बहुत उत्साहित हूँ और प्रधानमंत्री से मिलने का इंतज़ार नहीं कर सकता।' एक तीसरे प्रशंसक ने कहा, 'वह आज के शानदार भारत के पीछे के व्यक्ति हैं, जिन्होंने कई तरह से भारत को आकार दिया है।'
औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर
इससे पहले गुरुवार को मेलबर्न में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। गवर्नमेंट हाउस विक्टोरिया में आयोजित सेरेमोनियल कार्यक्रम में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया, जिस दौरान भारत का राष्ट्रगान बजाया गया। ऑस्ट्रेलियाई सेना के जवान एक पंक्ति में खड़े रहे।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लेते हुए दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक नेताओं को संबोधित किया।
स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की। मोदी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री श्री स्कॉट मॉरिसन से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है। भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती पर हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई।'
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मज़बूत हो रही है। गौरतलब है कि दोनों देश क्वाड के सदस्य हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय, जो ऑस्ट्रेलिया में एक महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक शक्ति है, इस दौरे को द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक मज़बूत संकेत के रूप में देख रहा है।
मार्वल स्टेडियम की यह ऐतिहासिक सभा प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे की सबसे प्रमुख कड़ी बनी। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता और समझौतों पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।