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अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामला: SIT जांच के बाद काउंटिंग प्रक्रिया में बड़े बदलाव, सुरक्षा सख्त

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अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामला: SIT जांच के बाद काउंटिंग प्रक्रिया में बड़े बदलाव, सुरक्षा सख्त

सारांश

अयोध्या राम मंदिर में दान गबन की SIT जांच सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं रही — इसने पूरी काउंटिंग व्यवस्था को बदल दिया। नया CCTV, बैंक कर्मचारियों की तैनाती और तीन-स्तरीय क्रॉस-वेरिफिकेशन यह संकेत देते हैं कि खामियाँ गंभीर थीं। अब असली सवाल यह है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट में क्या निकलेगा।

मुख्य बातें

राम जन्मभूमि परिसर में कथित दान गबन मामले की जांच SIT कर रही है, जिसने 6 दिनों के निरीक्षण के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की।
दान काउंटिंग में अब बैंक के नए कर्मचारियों को भी शामिल किया गया; पहले जिम्मेदार कर्मचारी अन्य कार्यों में स्थानांतरित।
नकद जमा में तीन व्यक्तियों द्वारा क्रॉस-वेरिफिकेशन और अनिवार्य हस्ताक्षर की व्यवस्था लागू।
परिसर में नया CCTV सिस्टम और अलग कंट्रोल रूम स्थापित; काउंटिंग रूम में प्रवेश-निकास पर शत-प्रतिशत तलाशी ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT की निष्पक्षता पर भरोसा जताया और सभी पक्षों से बयानबाजी से बचने की अपील की।
जांच जारी है; प्रारंभिक रिपोर्ट आने तक किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं।

अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में दान पत्रों में कथित गबन के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 6 दिनों के गहन निरीक्षण के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है और मंदिर परिसर में दान राशि की गिनती एवं संग्रह की पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। 22 जून 2026 को सामने आई इन जानकारियों के अनुसार, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई नए सुरक्षा उपाय तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।

काउंटिंग प्रक्रिया में बड़े बदलाव

जांच के बाद दान राशि की गिनती और संग्रह से जुड़ी जिम्मेदारियों में आमूल-चूल परिवर्तन किए गए हैं। जिन कर्मचारियों पर पहले यह जिम्मेदारी थी, उन्हें फिलहाल अन्य कार्यों में स्थानांतरित किया गया है। अब काउंटिंग कार्य में मंदिर परिसर के विश्वसनीय कर्मचारियों के साथ-साथ बैंक के नए कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

सूत्रों के अनुसार, अब बैंक में नकद जमा करते समय तीन व्यक्तियों द्वारा क्रॉस-वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है और सभी के हस्ताक्षर लेना भी जरूरी कर दिया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम हो सके।

सीसीटीवी निगरानी और कड़े प्रवेश नियम

नकद गिनती की प्रक्रिया पर नज़र रखने के लिए परिसर में नया सीसीटीवी सिस्टम स्थापित किया गया है। सभी काउंटिंग क्षेत्रों की कैमरों से निरंतर निगरानी की जा रही है और इसके लिए एक अलग कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। काउंटिंग रूम में प्रवेश के नियम अब पहले से कहीं अधिक कड़े कर दिए गए हैं — पूरी तलाशी के बाद ही किसी कर्मचारी को अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। काउंटिंग रूम से बाहर निकलते समय भी शत-प्रतिशत जांच की व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री योगी का बयान

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए गठित SIT निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आकर रहेगी। उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील की और कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य है तो उसे SIT को सौंपना चाहिए।

जांच की वर्तमान स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने तक किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जांच अभी जारी है और पूरे मामले की गहन समीक्षा की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि राम मंदिर में प्रतिदिन लाखों रुपये का दान आता है, जिसके प्रबंधन में किसी भी चूक का धार्मिक और प्रशासनिक — दोनों स्तरों पर व्यापक असर पड़ता है।

SIT की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद की कार्रवाई पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ प्रतिदिन करोड़ों रुपये का दान आता है, काउंटिंग व्यवस्था में इतने बड़े सुधारों की जरूरत पड़ना यह बताता है कि निगरानी तंत्र पहले से कमज़ोर था। SIT का गठन और 6 दिनों का निरीक्षण सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह पहली बार नहीं है कि किसी बड़े धार्मिक ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हों — तिरुपति से लेकर शिरडी तक, पारदर्शिता की माँग बार-बार उठती रही है। बिना जवाबदेही के सुधार महज कागजी रह जाते हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या राम मंदिर में दान गबन का मामला क्या है?
राम जन्मभूमि परिसर में दान पत्रों से कथित गबन के आरोप सामने आए हैं, जिसकी जांच SIT कर रही है। SIT ने 6 दिनों तक परिसर का निरीक्षण किया और प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है, हालांकि अभी तक किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
SIT ने राम मंदिर की काउंटिंग व्यवस्था में क्या बदलाव किए हैं?
SIT जांच के बाद काउंटिंग में बैंक के नए कर्मचारियों को शामिल किया गया है, नया CCTV सिस्टम और अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है, तथा काउंटिंग रूम में प्रवेश-निकास पर पूरी तलाशी अनिवार्य की गई है। बैंक में नकद जमा के समय तीन व्यक्तियों का क्रॉस-वेरिफिकेशन और हस्ताक्षर भी जरूरी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि SIT निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील की और कहा कि दस्तावेजी साक्ष्य रखने वाले उसे SIT को सौंपें।
राम मंदिर दान गबन मामले में अब तक किस पर कार्रवाई हुई है?
अधिकारियों के अनुसार, SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने तक किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जांच अभी जारी है।
राम मंदिर में दान की नई व्यवस्था से क्या फर्क पड़ेगा?
नई व्यवस्था में बहु-स्तरीय निगरानी, बैंक कर्मचारियों की भागीदारी और CCTV से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की संभावना कम होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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