अयोध्या राम मंदिर दान पात्र विवाद: प्रकाश गुप्ता बोले — 'गड़बड़ी गिनती के दौरान हुई, काउंटर पर नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं का विवाद 13 जून 2026 को नए मोड़ पर पहुँच गया, जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने इस मामले पर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कथित अनियमितता दान काउंटर पर नहीं, बल्कि दान पात्र से निकाली गई राशि की गिनती के दौरान हुई। इस बीच, आरोपी बताए जा रहे लवकुश तिवारी की दादी ने भी उनकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दान काउंटर और गिनती प्रक्रिया में क्या अंतर है
प्रकाश गुप्ता के अनुसार, मंदिर के दान काउंटर पर प्रत्येक श्रद्धालु को दिए गए दान की विधिवत रसीद प्रदान की जाती है, इसलिए वहाँ किसी गड़बड़ी की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि विवाद की जड़ दान पात्र — अर्थात् मंदिर परिसर में रखे दानपेटियों — से एकत्र राशि की गिनती प्रक्रिया में है। पहले यह गिनती मंदिर परिसर के भीतर ही होती थी, जिसमें सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों को बुलाया जाता था और ट्रस्ट की ओर से केवल एक व्यक्ति निगरानी के लिए मौजूद रहता था।
कैसे हुई कथित गड़बड़ी
गुप्ता ने बताया कि आरोप है कि नोटों की गड्डियाँ तय संख्या से अधिक बनाकर गड़बड़ी की गई। उन्होंने स्वीकार किया कि गिनती का पूरा उत्तरदायित्व उन्हीं सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों पर था और ट्रस्ट को यह अनुमान नहीं था कि इतनी बड़ी अनियमितता संभव हो सकती है। गौरतलब है कि गिनती के लिए आने वाले व्यक्ति बैंक के स्थायी कर्मचारी नहीं थे, बल्कि बैंक द्वारा इस विशेष कार्य के लिए नियुक्त किए जाते थे।
महिपाल सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया
आरोप लगाने वाले महिपाल सिंह — जो विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और स्वयं सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी रहे हैं — को भी नोटों की गिनती की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गुप्ता ने कहा कि यदि महिपाल सिंह ने किसी गड़बड़ी की शिकायत की थी, तो उस पर समय रहते गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए था।
एसआईटी जांच का स्वागत
प्रकाश गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि ट्रस्ट का कोई भी व्यक्ति इस मामले में शामिल नहीं है, फिर भी बदनामी ट्रस्ट की हो रही है। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच का स्वागत किया जाना चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और जनता के बीच फैला गलत संदेश दूर हो सके।
आरोपी लवकुश तिवारी की दादी का बयान
इस पूरे विवाद के बीच आरोपी लवकुश तिवारी की दादी ने दावा किया कि कुछ लोग सादे कपड़ों में उनके घर पहुँचे, घर में रखे बक्से के साथ तोड़फोड़ की और लवकुश को अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि उस घटना के बाद से लवकुश घर वापस नहीं लौटा है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर न्यास की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। एसआईटी जांच के नतीजे इस पूरे मामले में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।