दक्षिण कश्मीर में आतंक-रोधी छापेमारी: CIK ने कुलगाम और शोपियां में दबोचा आतंकी नेटवर्क
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने 13 सितंबर 2026 को आतंकवाद से जुड़े एक मामले में दक्षिण कश्मीर के कई ज़िलों में समन्वित छापेमारी की। इस कार्रवाई में कुलगाम और शोपियां ज़िले प्रमुख रूप से शामिल रहे। अधिकारियों के अनुसार, यह तलाशी अभियान अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
मुख्य घटनाक्रम
CIK ने रविवार को दक्षिण कश्मीर के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सहायता से संचालित किया गया, जिसमें कुलगाम और शोपियां विशेष रूप से निशाने पर रहे। अभियान से जुड़े विस्तृत ब्यौरे की अभी प्रतीक्षा है।
यह ऐसे समय में आया है जब CIK ने घाटी में आतंकी नेटवर्क और उनके वित्तपोषण चैनलों को ध्वस्त करने के लिए अपने अभियानों को काफी तेज़ कर दिया है। एजेंसी के रडार पर विशेष रूप से वे नेटवर्क हैं जो हाई-सिक्योरिटी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए सीमा पार के संचालकों से संपर्क बनाए हुए हैं।
पृष्ठभूमि और पिछले ऑपरेशन
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में CIK ने बडगाम, अवंतीपोरा, पुलवामा, कुपवाड़ा, शोपियां और श्रीनगर सहित छह ज़िलों में समन्वित छापेमारी की थी। इन अभियानों का उद्देश्य आतंकी भर्ती मॉड्यूल और स्लीपर सेल को नेस्तनाबूद करना था।
जुलाई 2026 में CIK ने जैश-ए-मोहम्मद के एक स्थानीय भर्ती और स्लीपर सेल मॉड्यूल को सफलतापूर्वक खत्म किया था। यह मॉड्यूल पुलवामा, गंदेरबल, श्रीनगर और बडगाम में सक्रिय था और सीमा पार से संचालित किया जा रहा था। उस अभियान में 10 विशेष स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी, जिसका फोकस स्थानीय युवाओं को सक्रिय स्लीपर सेल में भर्ती होने से रोकना था।
डिजिटल निगरानी और जेल नेटवर्क पर कार्रवाई
CIK ने खुलासा किया है कि स्थानीय संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर टेरर हैंडलर्स के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग कर रहे थे। संचार लाइनों की मैपिंग के लिए डिजिटल डिवाइस और लॉग्स ज़ब्त किए गए।
इसके अलावा, CIK के अंतरराज्यीय और जेल नेटवर्क इंटेलिजेंस ऑपरेशन के तहत अनंतनाग ज़िला जेल, कुलगाम, उधमपुर और जम्मू में कैदियों से जुड़े संचार नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया। जेल परिसरों के भीतर संदिग्ध तकनीकी संकेत मिलने के बाद समन्वित तलाशी वारंट जारी किए गए, जिनमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड और टैबलेट बरामद हुए।
CIK की रणनीतिक प्राथमिकताएँ
CIK, जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष शाखा है, जो आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथीकरण मॉड्यूल और फंडिंग चैनलों को समाप्त करने पर केंद्रित है। रविवार की कार्रवाई उसकी उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत दक्षिण कश्मीर के संवेदनशील ज़िलों में निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।
यह अभियान दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ अब परंपरागत निगरानी के साथ-साथ डिजिटल खुफिया तंत्र को भी तेज़ी से मज़बूत कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस छापेमारी से जुड़े अधिक विवरण सामने आने की संभावना है।