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क्या श्रीनगर, बडगाम और कुलगाम में काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर की रेड हुई?

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क्या श्रीनगर, बडगाम और कुलगाम में काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर की रेड हुई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर ने श्रीनगर, बडगाम और कुलगाम में सफेदपोश आतंकी मामले की जांच के लिए छापेमारी की है। स्थानीय डॉक्टरों के संलिप्तता के चलते ये छापेमारी की गई। जानिए छापेमारी के कारण और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

सीआईके ने श्रीनगर, बडगाम, और कुलगाम में छापेमारी की।
डॉक्टरों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही।
छापेमारी में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ पहले ही हो चुका है।

श्रीनगर, 18 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने मंगलवार को एक सफेदपोश आतंकी मामले की जांच के सिलसिले में श्रीनगर, बडगाम और कुलगाम जिलों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ये छापेमारी तीनों जिलों में एक साथ की गई।

सूत्रों ने बताया कि सीआईके की एक टीम ने कुलगाम के बुगाम इलाके में छापेमारी की और श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में तैनात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. उमर फारूक के आवास की तलाशी ली। सीआईके के जवान सुबह-सुबह गांव पहुंचे और डॉक्टर के घर की गहन तलाशी ली। डॉ. उमर फारूक कथित तौर पर छापेमारी के समय घर पर नहीं थे। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि तलाशी के दौरान कुछ जब्त किया गया या नहीं।

सूत्रों ने बताया कि छापेमारी का कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है। अधिकारियों ने अभी तक इस अभियान के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि तलाशी शांतिपूर्ण तरीके से की गई और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि, सीआईके की टीमों की अचानक उपस्थिति से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की कई शाखाएं, जिनमें काउंटर-इंटेलिजेंस और अन्य शामिल हैं, इस सफेदपोश आतंकी मामले की जांच कर रही हैं जिसमें कुछ स्थानीय डॉक्टर भी शामिल पाए गए हैं। इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर फरीदाबाद में किया था। इस आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉक्टरों का सुराग जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) आतंकी संगठन के दो ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) ने दिया था।

शुरुआत में कुलगाम जिले के काजीगुंड इलाके के एक स्थानीय डॉक्टर आदिल राथर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। डॉ. आदिल राथर से पूछताछ के बाद फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ।

एक अन्य स्थानीय डॉक्टर मुजम्मिल गनई को फरीदाबाद में गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। एक अन्य आतंकवादी सहयोगी, डॉ. उमर नबी गिरफ्तारी से बच निकला। बाद में, दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में उसकी मौत हो गई, जिसमें 12 नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों हुई काउंटर-इंटेलिजेंस की रेड?
रेड का उद्देश्य एक सफेदपोश आतंकी मामले की जांच करना था जिसमें स्थानीय डॉक्टरों की संलिप्तता की जानकारी मिली थी।
क्या छापेमारी के दौरान कुछ जब्त किया गया?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी के दौरान कुछ भी जब्त किया गया या नहीं।
स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया थी?
स्थानीय लोगों ने बताया कि तलाशी शांति से की गई, लेकिन अचानक उपस्थिति से दहशत का माहौल बना।
राष्ट्र प्रेस
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