8 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर सीआईके की घाटी में बड़ी छापेमारी: ऑनलाइन आतंकी महिमामंडन और भर्ती नेटवर्क पर शिकंजा

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जम्मू-कश्मीर सीआईके की घाटी में बड़ी छापेमारी: ऑनलाइन आतंकी महिमामंडन और भर्ती नेटवर्क पर शिकंजा

सारांश

जम्मू-कश्मीर पुलिस की सीआईके शाखा ने 8 अगस्त को घाटी के छह से अधिक जिलों में एक साथ छापेमारी की — निशाने पर हैं वे लोग जो ऑनलाइन प्लेटफार्मों से आतंकवाद का महिमामंडन कर युवाओं को भर्ती कर रहे थे। यूएपीए के तहत दर्ज 2023 के मामले में यह अब तक की सबसे व्यापक तलाशी कार्रवाई बताई जा रही है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर सीआईके ने 8 अगस्त 2026 को कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी अभियान बारामूला, शोपियां, अनंतनाग, कुपवारा, बांदीपोरा सहित अन्य जिलों में चलाया गया।
कार्रवाई एफआईआर संख्या 03/2023 के तहत — आईपीसी धारा 505, 153-ए और यूएपीए धारा 13, 18 में मामला दर्ज।
जांच का केंद्र: ऑनलाइन आतंकी महिमामंडन, एन्क्रिप्टेड ऐप्स का दुरुपयोग और सीमा पार हैंडलर नेटवर्क।
छापेमारी अदालती वारंट के आधार पर, डिजिटल साक्ष्य और संचार हार्डवेयर जब्त करने के अधिकार के साथ।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) शाखा ने 8 अगस्त 2026 को कश्मीर घाटी के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से आतंकवाद के महिमामंडन और आतंकी संगठनों में युवाओं की भर्ती से जुड़े एक पूर्व-दर्ज मामले के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान बारामूला, शोपियां, अनंतनाग, कुपवारा, बांदीपोरा सहित अन्य जिलों में चलाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

यह छापेमारी पुलिस स्टेशन सीआईके श्रीनगर में दर्ज एफआईआर संख्या 03/2023 के सिलसिले में की गई। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 505 और 153-ए तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 और 18 के तहत प्रकरण दर्ज है।

अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अदालती वारंट के आधार पर चलाया गया, जिनमें आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य और संचार हार्डवेयर जब्त करने का अधिकार दिया गया है। तलाशी के दौरान एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के दुरुपयोग से जुड़े साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।

किस पर है जांच का केंद्र

अधिकारियों ने स्पष्ट किया, "यह मामला आतंकवाद का महिमामंडन करने और व्यक्तियों को आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रभावित करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्मों के दुरुपयोग से संबंधित है।" जांच में गुप्त भर्ती मॉड्यूल, सीमा पार हैंडलर नेटवर्क और आतंकी वित्तपोषण से जुड़े साइबर-धोखाधड़ी नेटवर्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सीआईके की भूमिका और अधिकार

सीआईके, जम्मू-कश्मीर पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की एक विशेष शाखा है। इसका मुख्य कार्य कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क, आतंकी वित्तपोषण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की पहचान, जांच और उन्मूलन करना है। सीआईडी का नेतृत्व अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के अधिकारी के हाथ में है और यह जम्मू-कश्मीर भर में अपनी विशेष शाखा (एसबी) और प्रतिखुफिया (सीआई) इकाइयों के जरिये कार्य करती है।

गौरतलब है कि सीआईके की जिम्मेदारियों में तकनीकी संचार की निगरानी, एन्क्रिप्टेड ऐप्स के दुरुपयोग पर अंकुश और सफेदपोश आतंकी गतिविधियों का भंडाफोड़ करना भी शामिल है।

व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब सुरक्षा एजेंसियाँ कश्मीर घाटी में डिजिटल माध्यमों से आतंकी प्रचार और भर्ती की बढ़ती प्रवृत्ति पर नजर रख रही हैं। यूएपीए के तहत दर्ज मामला इस बात का संकेत है कि जांचकर्ता इसे महज सोशल मीडिया दुरुपयोग नहीं, बल्कि संगठित आतंकी गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं। आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित आतंकी ढाँचे के हिस्से के रूप में देख रही हैं — यह महत्वपूर्ण कानूनी अंतर है। 2023 में दर्ज एफआईआर पर 2026 में इतने व्यापक पैमाने पर कार्रवाई यह सवाल उठाती है कि जांच में इतना समय क्यों लगा और क्या डिजिटल साक्ष्य संग्रह की प्रक्रिया पर्याप्त रूप से त्वरित थी। घाटी में ऑनलाइन कट्टरपंथ की बढ़ती घटनाओं के बीच यह अभियान नीतिगत दृष्टि से अहम है, लेकिन इसकी सफलता का पैमाना गिरफ्तारियों की संख्या नहीं, बल्कि नेटवर्क के वास्तविक विघटन से तय होगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर सीआईके ने 8 अगस्त को छापेमारी क्यों की?
यह छापेमारी 2023 में दर्ज एफआईआर संख्या 03/2023 के सिलसिले में की गई, जो ऑनलाइन प्लेटफार्मों के जरिये आतंकवाद के महिमामंडन और आतंकी संगठनों में युवाओं की भर्ती से जुड़ी है। मामले में यूएपीए और आईपीसी की कई धाराएँ लगाई गई हैं।
छापेमारी किन-किन जिलों में हुई?
अधिकारियों के अनुसार तलाशी अभियान बारामूला, शोपियां, अनंतनाग, कुपवारा, बांदीपोरा और कश्मीर घाटी के अन्य जिलों में एक साथ चलाया गया।
काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) क्या है?
सीआईके, जम्मू-कश्मीर पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की एक विशेष शाखा है। यह कश्मीर घाटी में आतंकी नेटवर्क, वित्तपोषण, सीमा पार हैंडलर और राष्ट्रविरोधी डिजिटल गतिविधियों की जांच के लिए जिम्मेदार है।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (सार्वजनिक शांति भंग करने वाले बयान) और 153-ए (धर्म-जाति के आधार पर वैमनस्य फैलाना) के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 और 18 शामिल हैं।
क्या इस छापेमारी में कोई गिरफ्तारी हुई?
अधिकारियों ने अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। छापेमारी के दौरान डिजिटल साक्ष्य और संचार हार्डवेयर जब्त करने पर ध्यान केंद्रित है; आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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