मलेशिया में नौकरी के लिए वीजा-मुक्त सुविधा के दुरुपयोग पर भारतीय उच्चायोग की कड़ी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने 22 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे मलेशिया की 30 दिन की वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा का उपयोग रोजगार की तलाश के लिए न करें। उच्चायोग के अनुसार यह सुविधा विशेष रूप से पर्यटन और सामाजिक यात्राओं तक ही सीमित है और इसका दुरुपयोग मलेशियाई आव्रजन कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
एडवाइजरी जारी करने की वजह
उच्चायोग ने बताया कि हाल के महीनों में वीजा-मुक्त सुविधा का उपयोग कर रोजगार की तलाश में मलेशिया पहुँचने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब कई भारतीय नागरिकों को फर्जी नौकरी के प्रस्तावों का लालच देकर वहाँ बुलाया जा रहा है और बाद में वे आव्रजन नियमों के उल्लंघन की स्थिति में फँस जाते हैं। गौरतलब है कि यह समस्या केवल मलेशिया तक सीमित नहीं — पिछले कुछ वर्षों में कंबोडिया, म्यांमार और थाईलैंड जैसे देशों में भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
किन खतरों की जताई गई है चेतावनी
एडवाइजरी में उन नागरिकों के लिए गंभीर परिणामों की सूची दी गई है जो टूरिस्ट वीजा पर काम करने की कोशिश करते हैं। इनमें शामिल हैं:
- वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकना और अवैध प्रवासी का दर्जा मिलना
- शोषण और श्रम उत्पीड़न का शिकार होना
- हिरासत में लिया जाना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना
- फर्जी एजेंटों द्वारा धोखाधड़ी
उच्चायोग ने स्पष्ट किया कि वर्क परमिट या वीजा विथ रेफरेंस (VDR) के बिना रोजगार के उद्देश्य से मलेशिया की यात्रा बिल्कुल न की जाए।
पर्यटन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
पर्यटन के उद्देश्य से जाने वाले नागरिकों को निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य रूप से साथ रखने की सलाह दी गई है:
- कन्फर्म रिटर्न टिकट
- होटल बुकिंग का प्रमाण
- मलेशिया डिजिटल अराइवल कार्ड — आगमन की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य
- पासपोर्ट की शेष वैधता कम से कम छह महीने
ये दस्तावेज़ आगमन पर इमिग्रेशन संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए ज़रूरी बताए गए हैं।
फर्जी एजेंटों से सावधानी की अपील
उच्चायोग ने विशेष रूप से उन संदिग्ध एजेंटों से आगाह किया है जो आकर्षक नौकरी के झूठे प्रस्तावों से नागरिकों को गुमराह करते हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसे कई मामलों में भारतीय नागरिक विदेश में फँस जाते हैं और उनके पास न तो वैध दस्तावेज़ होते हैं, न कोई कानूनी सहारा। रोजगार के इरादे से यात्रा करने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले सभी आवश्यक कानूनी अनुमतियाँ और दस्तावेज़ प्राप्त करें।
आगे क्या करें भारतीय नागरिक
उच्चायोग ने स्पष्ट किया कि जो भारतीय नागरिक मलेशिया में वैध रोजगार की तलाश करना चाहते हैं, वे केवल उचित वर्क परमिट या VDR वीजा के ज़रिए ही यात्रा करें। किसी भी संदिग्ध नौकरी प्रस्ताव की जाँच उच्चायोग की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के ज़रिए की जा सकती है। यह एडवाइजरी एक स्पष्ट संकेत है कि भारत सरकार अपने नागरिकों की विदेशों में सुरक्षा के प्रति सतर्क है और आने वाले समय में ऐसी चेतावनियाँ और भी सख्त हो सकती हैं।