कतर में शॉर्ट-टर्म वीजा वाले भारतीय नागरिक फंसे, दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
सारांश
Key Takeaways
- कतर में शॉर्ट-टर्म वीजा पर फंसे भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़ रही है।
- भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
- खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष का असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
- फोर्स मेज्योर की स्थिति का अर्थ है अनुबंध का उल्लंघन नहीं माना जाना।
- कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल की संभावना है।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण पश्चिम एशिया में अनेक भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। भारत सरकार विभिन्न देशों की सरकारों के साथ मिलकर इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। क्षेत्रों में हो रहे हमलों के कारण स्थिति जटिल हो गई है। इस बीच, कतर में भारतीय दूतावास ने वहां फंसे नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।
कई भारतीय नागरिक जो शॉर्ट टर्म वीजा पर कतर पहुंचे थे, वे वर्तमान हालात के कारण वहां फंस गए हैं। भारतीय दूतावास ने इस एडवाइजरी के साथ एक फॉर्म का लिंक भी साझा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जो भारतीय नागरिक 28 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच कतर में टूरिस्ट/शॉर्ट टर्म विजिटर (हय्या ए1 वीजा) के रूप में फंसे हैं, उनसे अनुरोध है कि वे यहां दिए गए लिंक पर अपनी जानकारी भरें। कृपया ध्यान दें कि यह सिर्फ उन भारतीय नागरिकों की सही संख्या और जानकारी प्राप्त करने के लिए है जो कतर के निवासी नहीं हैं।"
इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष कुछ और दिनों तक जारी रहता है, तो खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा निर्यातकों को 'फोर्स मेज्योर' घोषित करना पड़ सकता है। इससे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो सकती है और वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है।
यदि कोई तेल कंपनी युद्ध या प्राकृतिक आपदा के कारण तेल की आपूर्ति नहीं कर पाती है, तो वह फोर्स मेज्योर घोषित कर सकती है और उसे अनुबंध के उल्लंघन का दोषी नहीं माना जाएगा।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में साद अल-काबी ने कहा कि यदि मौजूदा स्थिति बरकरार रहती है, तो खाड़ी क्षेत्र के सभी निर्यातकों को जल्द ही फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां ऐसा नहीं करेंगी, उन्हें कानूनी रूप से गंभीर जिम्मेदारी और नुकसान सहना पड़ सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टैंकर और अन्य जहाज जलडमरूमध्य से गुजरने में असमर्थ रहते हैं, तो अगले 2-3 हफ्तों में कच्चे तेल की कीमत $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं, प्राकृतिक गैस की कीमतें चार गुना बढ़कर $40 प्रति एमएमबीटीयू (मेट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) तक जा सकती हैं।
इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में लगभग 20%25 और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) में लगभग 25%25 की वृद्धि देखी गई है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 3%25 से अधिक बढ़कर $89 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई 5%25 से अधिक बढ़कर $86 प्रति बैरल पर पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क अप्रैल 2024 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर हैं।
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी उत्पादक कतर इस सप्ताह फोर्स मेज्योर घोषित कर चुका है, जब ईरानी ड्रोन हमले में उसके रस लाफान एलएनजी संयंत्र को नुकसान पहुंचा। यह संयंत्र कतर का सबसे बड़ा एलएनजी प्लांट है और हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।