कतर के ऊर्जा मंत्री का गंभीर अलार्म: युद्ध जारी रहा तो कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है

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कतर के ऊर्जा मंत्री का गंभीर अलार्म: युद्ध जारी रहा तो कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है

सारांश

कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध जारी रहा, तो खाड़ी देशों को फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है, जिससे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं। इस स्थिति का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Key Takeaways

  • कतर के ऊर्जा मंत्री की चेतावनी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है।
  • युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
  • कतर ने ईरान के ड्रोन हमले के बाद फोर्स मेज्योर घोषित किया है।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध "कुछ दिनों" तक जारी रहा, तो खाड़ी देशों के निर्यातकों को अप्रत्याशित स्थिति (फोर्स मेज्योर) घोषित करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे तेल की आपूर्ति में रुकावट आएगी और कुछ ही हफ्तों में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल और प्राकृतिक गैस की कीमत 40 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू (मीट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) तक पहुंच सकती है।

कतर के मंत्री ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा, "जिन देशों ने अभी तक फोर्स मेज्योर नहीं घोषित किया है, हमें उम्मीद है कि स्थिति जारी रहने पर वे अगले कुछ दिनों में ऐसा करेंगे। खाड़ी क्षेत्र के सभी निर्यातकों को फोर्स मेज्योर घोषित करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें किसी न किसी बिंदु पर कानूनी रूप से उस दायित्व का भुगतान करना होगा, और यह उनकी पसंद है।"

मंत्री ने कहा कि यदि टैंकर और अन्य जहाज जलडमरूमध्य से गुजरने में असमर्थ रहे, तो कच्चे तेल की कीमतें दो से तीन सप्ताह के भीतर 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जबकि प्राकृतिक गैस की कीमतें चार गुना बढ़ सकती हैं।

ब्रेंट क्रूड वायदा में इस सप्ताह 20 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शुक्रवार को ब्रेंट 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 86 डॉलर पर पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क अप्रैल 2024 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

दुनिया में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक कतर, इस सप्ताह ईरान के ड्रोन हमले में अपने रस लाफान एलएनजी प्लांट पर हुए हमले के बाद अप्रत्याशित आपातकाल (फोर्स मेजोर) घोषित कर चुका है। यह संयंत्र देश का सबसे बड़ा एलएनजी प्लांट है और इसमें हुए नुकसान का आकलन करने के प्रयास जारी हैं।

मंत्री ने बताया कि हमले तुरंत खत्म होने पर भी, रसद संबंधी बाधाओं के कारण सामान्य निर्यात परिचालन बहाल करने में "हफ्तों से महीनों" का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि कतर के 128 एलएनजी वाहक जहाजों में से केवल छह या सात ही वर्तमान में माल लादने के लिए उपलब्ध हैं।

फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, कम से कम 10 जहाजों पर हमले की खबरों और बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम में भारी वृद्धि के बाद, शिपिंग कंपनियां इस क्षेत्र से जहाज भेजने में हिचकिचा रही हैं।

ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने और बहरीन में एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने के बाद तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया जा रहा है।

Point of View

तो यह न केवल खाड़ी देशों के निर्यातकों को प्रभावित करेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

फोर्स मेज्योर क्या है?
फोर्स मेज्योर एक कानूनी स्थिति है, जिसमें कोई भी पक्ष अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर सकता।
तेल की कीमतों में वृद्धि का कारण क्या है?
तेल की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण युद्ध की स्थिति और आपूर्ति में रुकावट है।
कतर क्यों महत्वपूर्ण है?
कतर विश्व में लिक्विफाइड नेचुरल गैस का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जिससे इसकी वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका है।
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