30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना बहुत कम, मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना बहुत कम, मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद

सारांश

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना कम नजर आ रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों का प्रभाव झेलने में सक्षम हैं।

मुख्य बातें

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
सरकार ने तेल कंपनियों को कीमतों के बोझ को उठाने के लिए कहा है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत में वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना बहुत कम नजर आ रही है।

जानकारी के अनुसार, सरकार को यह उम्मीद है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को संभाल सकेंगी, जिससे तेल की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। इसके परिणामस्वरूप तेल कंपनियों को कुछ समय के लिए कम मुनाफे के साथ काम करने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

इस बीच वैश्विक बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव लगभग 27 प्रतिशत बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव भी लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 116 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। साल 2022 के बाद यह पहली बार है जब दोनों प्रमुख सूचकांकों का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचा है।

तेल की कीमतों में यह तेजी मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति में बाधा के कारण हुई है।

इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम देशभर में अभी भी स्थिर हैं। आमतौर पर भारत में ईंधन की कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के अनुसार निर्धारित की जाती हैं, लेकिन जब बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव होता है, तो सरकार कई बार तेल कंपनियों से कीमतों का बोझ खुद उठाने के लिए कहती है।

सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह भी बताया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। उनका कहना है कि भारत के ऊर्जा भंडार की स्थिति पहले से बेहतर हो रही है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

ऊर्जा भंडार में सुधार से सरकार को ईंधन आपूर्ति को संभालने में ज्यादा विश्वास मिला है। इसी के साथ भारत ने कच्चे तेल के आयात को विविधता लाने के लिए कदम उठाए हैं, ताकि संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम हो सके।

सूत्रों के अनुसार, पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के स्रोतों से आता था, लेकिन अब यह हिस्सा बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से पहली तेल खेप फिर से रवाना हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि तेल की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

इस बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध कुछ और दिनों तक जारी रहता है, तो खाड़ी देशों के निर्यातक फोर्स मेज्योर घोषित कर सकते हैं, जिससे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक और प्राकृतिक गैस की कीमत 40 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों में वृद्धि का बचाव करते हुए कहा कि यह ईरान के परमाणु खतरे का सामना करने की अस्थायी कीमत है। उन्होंने कहा कि जब यह खतरा समाप्त हो जाएगा, तो तेल की कीमतें फिर से कम हो जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं ताकि आम आदमी पर असर कम पड़े। यह स्थिति बाजार में स्थिरता लाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं?
फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना कम है, सरकार का मानना है कि तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों का प्रभाव संभाल लेंगी।
कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
कच्चे तेल की कीमतें मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति में बाधा के कारण बढ़ रही हैं।
भारत कच्चे तेल का आयात कैसे कर रहा है?
भारत ने कच्चे तेल के आयात को विविध बनाने के लिए कदम उठाए हैं, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम हो सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले