क्या जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने आतंकवादियों के खिलाफ छापेमारी की?

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क्या जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने आतंकवादियों के खिलाफ छापेमारी की?

सारांश

जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने आतंकवादियों के खिलाफ एक महत्त्वपूर्ण छापेमारी अभियान चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत कई जगहों पर छापे मारे गए हैं, जो आतंकवाद के ऑनलाइन प्रचार से जुड़े हैं। क्या यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है?

Key Takeaways

  • काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने आतंकवाद के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया है।
  • छापेमारी में शामिल सात जिले: पुलवामा, बडगाम, कुलगाम, श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग, कुपवाड़ा
  • ऑनलाइन आतंकवाद के महिमामंडन के खिलाफ यह कदम उठाया गया।
  • सुरक्षा बलों की निगरानी में गैर-कानूनी गतिविधियों को समाप्त करना महत्वपूर्ण है।
  • लाइन ऑफ कंट्रोल पर सुरक्षा को बढ़ाना जरुरी है।

श्रीनगर, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने मंगलवार को आतंकवाद से जुड़े एक मामले और ऑनलाइन आतंकवाद के महिमामंडन के सिलसिले में कश्मीर में कई स्थानों पर छापेमारी की।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर ने इस मामले की चल रही जांच के तहत कश्मीर घाटी में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। यह मामला आतंकवाद की ऑनलाइन तारीफ और भर्ती गतिविधियों से संबंधित है।

ये छापेमारी पुलवामा, बडगाम, कुलगाम, श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग और कुपवाड़ा सहित सात जिलों में 12 स्थानों पर की जा रही हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ये सर्च ऑपरेशन पुलिस स्टेशन काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर में आईपीसी की धारा 153-ए और 505 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 और 18 के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 03/2023 के सिलसिले में उचित सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद किए जा रहे हैं। यह मामला आतंकवाद से जुड़े अपराधों, खासकर ऑनलाइन आतंकवाद की विचारधारा का महिमामंडन और प्रचार करने से संबंधित है, जिसका उद्देश्य लोगों को कट्टरपंथी बनाना और आतंकवादी संगठनों में भर्ती करना है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और समर्थकों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान संचालित कर रहे हैं। इस रणनीति का उद्देश्य केवल हथियारबंद आतंकवादियों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि आतंकवाद के सम्पूर्ण सपोर्ट सिस्टम को समाप्त करना है।

नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले, ड्रग पेडलर और हवाला मनी रैकेट तथा अन्य गैर-कानूनी वित्तीय गतिविधियों में शामिल लोग भी सुरक्षा बलों की निगरानी में हैं।

ये गैर-कानूनी गतिविधियाँ जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए फंडिंग का एक स्रोत मानी जाती हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों का संचालन किया जा रहा है।

लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं।

Point of View

यह कहना उचित है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग का यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ एक प्रभावी कदम है। यह न केवल आतंकवादियों को बल्कि उनके समर्थन प्रणाली को भी समाप्त करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

काउंटर-इंटेलिजेंस विंग क्या है?
काउंटर-इंटेलिजेंस विंग एक विशेष पुलिस इकाई है जो आतंकवाद और अन्य संगठित अपराधों की जांच और रोकथाम करती है।
छापेमारी का उद्देश्य क्या है?
छापेमारी का उद्देश्य आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करना और आतंकवाद के समर्थन प्रणाली को समाप्त करना है।
ये छापेमारी कब हुईं?
ये छापेमारी 16 दिसंबर को हुईं।
छापेमारी में कितने जिलों को शामिल किया गया?
छापेमारी में कुल सात जिलों को शामिल किया गया।
क्या यह अभियान सफल रहेगा?
यह अभियान आतंकवाद को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, यदि सही तरीके से लागू किया जाए।
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