महिलाओं की शक्ति से विपक्ष की हिचक: अनिल विज का बयान
सारांश
मुख्य बातें
अंबाला, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद में महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की पुरुष नेता महिलाओं की शक्ति से डर गए हैं और इस डर में उन्होंने बिल गिरा दिया।
मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस बिल के समर्थन में पूरा देश था। इसमें महिलाओं को आरक्षण देने का प्रावधान था, साथ ही डिलिमिटेशन का भी बिल शामिल था।
अनिल विज ने आगे बताया कि हमारी लोकसभा की सीटें १९७६ में जितनी थीं, आज भी उतनी ही हैं। उस समय देश की जनसंख्या ५६ करोड़ थी, जो आज बढ़कर १४५ करोड़ हो गई है। १७२ सीटें ऐसी हैं, जहां जनसंख्या २० लाख से अधिक है। इतनी बड़ी जनसंख्या के मुद्दों को एक सांसद के लिए सुनना और हल करना संभव नहीं है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मिलकर जनहित के इन महत्वपूर्ण कार्यों को गिरा दिया।
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि लोकसभा में जो हुआ, वह केवल दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को उनका न्यायसंगत ३३ फीसदी अधिकार देने का संकल्प था। मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि नारी शक्ति का यह अपमान देश की महिलाओं द्वारा कभी नहीं भुलाया जाएगा। यह केवल संसद की दीवारों तक सीमित नहीं रहेगा, यह जन-जन तक पहुंचेगा। विपक्ष को समझ लेना चाहिए कि महिलाओं का आक्रोश अब एक शक्ति बन चुका है, जो २०२९ के लोकसभा चुनाव में ही नहीं, बल्कि हर चुनाव, हर स्तर और हर मंच पर उन्हें जवाब देगा। नारी शक्ति को रोकने की हर कोशिश, अंततः उसी शक्ति को और मजबूत बनाएगी।
भाजपा नेता डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आज संसद में सिर्फ एक प्रस्ताव नहीं टूटा, बल्कि महिलाओं के विश्वास की नींव हिला दी गई है। यह खामोशी ज्यादा देर नहीं टिकेगी। नारी शक्ति जवाब देगी, और जोरदार जवाब देगी।