भाजपा महिला सांसदों का विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन, महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का खारिज होना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
- भाजपा महिला सांसदों ने विपक्ष पर विश्वासघात का आरोप लगाया।
- कंगना रनौत और अन्य ने महिलाओं के प्रति अनादर की बात की।
- यह प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- राजनीतिक दृष्टि से यह महिलाओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण पल है।
नई दिल्ली, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के अस्वीकृति पर भाजपा महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ तीव्र प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों ने सदन के बाहर नारेबाजी करते हुए विपक्ष पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसा प्रतीत होता है कि ईश्वर भी इसे देख रहे हैं और जो हुआ है, उस पर दुख व्यक्त कर रहे हैं। दुश्मनों का भी ऐसा बर्ताव नहीं होता। अगर हमारी माताओं और बहनों के लिए 200-300 सीटें बढ़ जातीं तो इससे क्या नुकसान होता?"
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भावुक होकर कहा, "यह बेहद शर्मनाक माहौल है। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं है। कांग्रेस और विपक्ष ने अन्याय की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने महिलाओं के प्रति गहरा अनादर दिखाया है और आज उन्होंने भारत की बेटियों का मनोबल गिरा दिया है।"
भाजपा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा, "कांग्रेस की नीति हमेशा से महिला विरोधी रही है और आज यह एक बार फिर साबित हुआ है।"
टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेनेती ने कहा, "यह बहुत दुखद है, क्योंकि हमें इस विधेयक से बहुत उम्मीदें थीं। अगर महिला आरक्षण विधेयक २०२३ में पास होता और सीटों की संख्या ८५० होती, तो २५० सीटें महिलाओं को लोकसभा में आने का अवसर देतीं, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इसे गिरा दिया।"
एलजेपी (राम विलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, "मेरे लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और आज का दिन महिलाओं के लिए काला दिन है।"
आरएलडी नेता केसी त्यागी ने इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ एक साजिश बताया। उन्होंने कहा, "आज विपक्ष ने सरकार के प्रयासों को कमजोर करने का काम किया है।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, "जिस प्रकार राहुल गांधी और उनकी टीम ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है, मेरा मानना है कि आज का दिन महिलाओं के लिए अधिक अधिकार और भागीदारी सुनिश्चित करने का दिन होने के बजाय कांग्रेस ने उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का कार्य किया है।"