रवि किशन: 5 बार सांसद बन जाऊं, फिर भी लोगों की हर समस्या का हल नहीं कर सकता
सारांश
मुख्य बातें
बलिया, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भोजपुरी अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन ने संसद में महिला आरक्षण बिल के अस्वीकृत होने पर विपक्ष पर कड़ी टिप्पणी की। उनका कहना था कि परिवारवाद के समर्थकों ने महिलाओं के आरक्षण का विरोध किया है। ये लोग नहीं चाहते कि महिलाएं राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मीडिया से बातचीत में रवि किशन ने कहा कि विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता के चलते ही इस विधेयक का विरोध हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सीधा मामला है। बिल का विरोध उन लोगों ने किया है जो परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। उन्हें डर है कि अगर महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका वर्चस्व समाप्त हो जाएगा। यह एक पुरुष-प्रधान मानसिकता है, जिसे प्रधानमंत्री ने तोड़ने का प्रयास किया है।
गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने कहा कि भले ही मैं पांच बार सांसद बन जाऊं, लेकिन मैं लोगों की सभी समस्याएं हल नहीं कर सकता। गोरखपुर की जनसंख्या 50 लाख से अधिक है। हर गांव और हर घर की समस्याएं सुनना किसी एक सांसद के लिए संभव नहीं है, इसलिए परिसीमन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश में 70 करोड़ पुरुष और 70 करोड़ महिलाएं हैं। महिला आरक्षण बिल महिलाओं को आगे लाने में मदद करता, लेकिन विपक्ष उन्हें आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता। यह परिवारवाद के समर्थकों द्वारा विरोध का परिणाम है। अब समय आ गया है कि महिलाओं को केवल चूल्हा-चौका तक सीमित न रखा जाए।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बारे में विपक्ष के रवैये पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण से संबंधित यह बिल जल्द ही एनडीए को पारित करने की शक्ति देगा। इसे पारित न करना केवल महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी नहीं है, बल्कि उनके सपनों और आकांक्षाओं के साथ अन्याय भी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की लहर इतनी प्रबल है कि मैं इसे अपनी आंखों से देख सकता हूं। जनता टीएमसी को हटाकर भाजपा को सत्ता में लाएगी।