26 जून 2026
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महिला आरक्षण विधेयक का संसद में असफल होना: गीता फोगाट की चिंता

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महिला आरक्षण विधेयक का संसद में असफल होना: गीता फोगाट की चिंता

सारांश

महिला खिलाड़ियों ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिरने पर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। गीता फोगाट, प्रिया शर्मा, स्वीटी बूरा और साइना नेहवाल जैसे सितारों ने अपनी राय दी।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक का असफल होना एक गंभीर मुद्दा है।
महिला खिलाड़ियों ने अपनी आवाज उठाई है।
भविष्य में विधेयक के पारित होने की उम्मीद है।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
विपक्ष के विरोध के कारण विधेयक को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नई दिल्ली में आयोजित 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम में भाग लेने आई महिला खिलाड़ियों ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन बिल के असफल होने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

पहलवान गीता फोगाट ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "हमें यह जानकर दुख हुआ कि यह बिल संसद में पास नहीं हो सका। मुझे आशा है कि यदि आज नहीं, तो कल यह बिल अवश्य पारित होगा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।"

जूडो खिलाड़ी प्रिया शर्मा ने कहा, "मैं एक साफ बात कहना चाहूंगी, महिलाओं को हमेशा अपने लिए आवाज उठानी होगी। महिलाओं को हर स्थिति में, चाहे वह संसद हो या अन्यत्र, अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए।"

बॉक्सिंग खिलाड़ी स्वीटी बूरा ने कहा, "यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। जबकि केवल 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग की गई थी, और महिलाओं की वोटिंग में भागीदारी 50 प्रतिशत है। 50 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद 33 प्रतिशत आरक्षण देने में भी विपक्ष को कठिनाई हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं, इसलिए वे यह बिल लाना चाहते थे। मैं पीएम मोदी को महिलाओं के प्रति उनके सोच के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।"

वहीं, बिहार के बांका में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल ने कहा कि विधेयक पारित होने की काफी उम्मीदें थीं। जिस दिन विधेयक पर चर्चा हो रही थी, वह संसद में थीं। देश की बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। यदि राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो जाती, तो यह अत्यंत लाभकारी होता। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में यह विधेयक पास होगा।

ज्ञात रहे कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को विपक्ष ने लोकसभा में मतदान के माध्यम से गिरा दिया। इसके बाद से इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर विपक्ष सरकार पर विधेयक के जरिए परिसीमन करने का आरोप लगा रहा है, वहीं पीएम मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता कांग्रेस और विपक्ष को महिला विरोधी बताकर आलोचना कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक एक संविधान संशोधन है जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करता है।
इस विधेयक का संसद में असफल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विधेयक महिला सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। इसके असफल होने से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बाधा उत्पन्न होती है।
महिला खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ क्या थीं?
महिला खिलाड़ियों ने विधेयक के असफल होने पर दुःख व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में यह पारित होगा।
क्या इस विधेयक का विरोध हो रहा है?
हाँ, विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया है, जिससे इसकी पारित होने की संभावनाएँ कम हो गई हैं।
महिला सशक्तिकरण का क्या महत्व है?
महिला सशक्तिकरण सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास के लिए आवश्यक है। यह महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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