9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण: सुनीता गोदारा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण: सुनीता गोदारा

सारांश

सुनीता गोदारा ने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताया और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। इस विधेयक के पारित होने से महिलाओं की राजनीति और खेलों में भागीदारी बढ़ेगी।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक एक ऐतिहासिक कदम है।
इससे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी।
सुनीता गोदारा ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
16-18 अप्रैल को विधेयक पर चर्चा होगी।
273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व भारतीय मैराथन धावक और खेल कार्यकर्ता सुनीता गोदारा ने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

सुनीता गोदारा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यदि महिला आरक्षण विधेयक पारित होता है, तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा। समस्या यह है कि जब कोई विधेयक संसद में प्रस्तुत किया जाता है, तो सभी दलों की सहमति आवश्यक होती है। मुझे आशा है कि सभी दल सहमत होंगे और इस विधेयक को पारित करेंगे, क्योंकि इससे महिलाओं की सशक्तीकरण होगा। महिलाओं की समस्याओं का बेहतर समाधान होगा।"

गोदारा ने कहा, "अब महिलाएं खेलों में कुशल हैं। इस विधेयक के पास होने से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी। जब अधिक महिलाएं, विशेषकर महिला खिलाड़ी, राजनीति में होंगी, तो वे खेलों के मुद्दों, चुनौतियों और फायदों पर विचार करेंगी। इससे खेलों में सुधार होगा। यही मेरी इच्छा है। देखते हैं क्या होता है, लेकिन यदि यह विधेयक पारित होता है तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा।"

सुनीता गोदारा ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, "यदि आप 33 प्रतिशत आरक्षण ला रहे हैं तो आप वास्तव में स्त्री शक्ति का सम्मान कर रहे हैं। यह एक सकारात्मक कदम होगा।"

16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50 प्रतिशत वृद्धि के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (लगभग एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। इस विधेयक को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा बल्कि समाज में उनके मुद्दों को भी प्रमुखता देगा। यह विधेयक एक सशक्त समाज की दिशा में एक कदम है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षित सीटें प्रदान करना है।
इस विधेयक का पारित होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विधेयक महिलाओं को राजनीति और खेलों में अधिक प्रतिनिधित्व देने का अवसर प्रदान करता है।
सुनीता गोदारा ने इस विधेयक के बारे में क्या कहा?
सुनीता गोदारा ने इसे ऐतिहासिक बताया और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
महिला आरक्षण विधेयक कब पेश किया गया था?
यह विधेयक 2023 के विशेष सत्र में पेश किया गया था।
महिला आरक्षण विधेयक के तहत कितनी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं?
इस विधेयक के तहत 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले