महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण: सुनीता गोदारा
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक एक ऐतिहासिक कदम है।
- इससे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी।
- सुनीता गोदारा ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
- 16-18 अप्रैल को विधेयक पर चर्चा होगी।
- 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व भारतीय मैराथन धावक और खेल कार्यकर्ता सुनीता गोदारा ने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
सुनीता गोदारा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यदि महिला आरक्षण विधेयक पारित होता है, तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा। समस्या यह है कि जब कोई विधेयक संसद में प्रस्तुत किया जाता है, तो सभी दलों की सहमति आवश्यक होती है। मुझे आशा है कि सभी दल सहमत होंगे और इस विधेयक को पारित करेंगे, क्योंकि इससे महिलाओं की सशक्तीकरण होगा। महिलाओं की समस्याओं का बेहतर समाधान होगा।"
गोदारा ने कहा, "अब महिलाएं खेलों में कुशल हैं। इस विधेयक के पास होने से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी। जब अधिक महिलाएं, विशेषकर महिला खिलाड़ी, राजनीति में होंगी, तो वे खेलों के मुद्दों, चुनौतियों और फायदों पर विचार करेंगी। इससे खेलों में सुधार होगा। यही मेरी इच्छा है। देखते हैं क्या होता है, लेकिन यदि यह विधेयक पारित होता है तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा।"
सुनीता गोदारा ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, "यदि आप 33 प्रतिशत आरक्षण ला रहे हैं तो आप वास्तव में स्त्री शक्ति का सम्मान कर रहे हैं। यह एक सकारात्मक कदम होगा।"
16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50 प्रतिशत वृद्धि के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (लगभग एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। इस विधेयक को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया।