26 जुलाई 2026
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कर्नाटक सरकार ने ऑटो एलपीजी की आपूर्ति की पुष्टि की, ड्राइवरों से अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह

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कर्नाटक सरकार ने ऑटो एलपीजी की आपूर्ति की पुष्टि की, ड्राइवरों से अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह

सारांश

कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ऑटो एलपीजी की कोई कमी नहीं है। ड्राइवरों को अफवाहों पर विश्वास न करने और चिंता न करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार ने ऑटो एलपीजी की कमी से किया इनकार।
ड्राइवरों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील।
आपूर्ति स्थिति में सुधार पर नजर रखी जा रही है।

बेंगलुरु, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि राज्य में ऑटो एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ऑटो के मालिकों और चालकों से अनुरोध किया है कि वे चिंता न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि आपूर्ति पूरी तरह से पर्याप्त है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि राज्य के कई ऑटो चालकों ने गैस की अनियमित उपलब्धता के कारण समस्या का सामना किया है। कई चालकों को गैस स्टेशनों पर घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी पर असर पड़ रहा है। इस स्थिति ने उनके बीच चिंता को बढ़ा दिया है और कमी की अफवाहें फैलने लगी हैं।

सरकार ने कहा कि कुछ निजी ऑटो गैस आपूर्ति एजेंसियों में सप्लाई में उतार-चढ़ाव जरूर आया है, लेकिन वास्तव में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां लगातार आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच ऑटो एलपीजी की आपूर्ति 83 से 94 मीट्रिक टन प्रतिदिन के बीच रही। 5 अप्रैल को सबसे अधिक 94.11 मीट्रिक टन आपूर्ति दर्ज की गई।

सरकार ने यह भी बताया कि औसतन प्रतिदिन 83.58 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति की जा रही है और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे गैस पंपों पर अनावश्यक कतारें न लगाएं।

इस बीच, केंद्र सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए एलपीजी आवंटन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नई व्यवस्था की जानकारी दी है।

नई गाइडलाइन के अनुसार, कुल एलपीजी आवंटन का 70 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा, जिन राज्यों ने पीएनजी सुधार लागू किए हैं, उन्हें अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन मिलेगा। फार्मास्युटिकल, खाद्य और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही उन इकाइयों को भी प्राथमिकता मिलेगी जो प्राकृतिक गैस पर स्विच नहीं कर सकतीं।

गाइडलाइन में बड़े उपभोक्ताओं के लिए 0.2 टीएमटी प्रतिदिन की सीमा निर्धारित की गई है और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स के लिए पीएनजी पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

नई व्यवस्था से पैकेजिंग, पेंट, स्टील और सिरेमिक जैसे उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उद्योगों के लिए ईंधन कोटा मार्च 2026 के उपभोग के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कर्नाटक में वास्तव में ऑटो एलपीजी की कमी है?
कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ऑटो एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने चालकों को क्या सलाह दी है?
सरकार ने चालकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर विश्वास न करें।
एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति क्या है?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच ऑटो एलपीजी की आपूर्ति 83 से 94 मीट्रिक टन प्रतिदिन के बीच रही।
राष्ट्र प्रेस
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