महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री मोदी को पद्मश्री से सम्मानित महिलाओं ने किया धन्यवाद
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व प्रदान करना है।
- इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि होगी।
- पद्मश्री से सम्मानित महिलाएं इस बिल का स्वागत कर रही हैं।
- यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
- बिल का उद्देश्य नारी शक्ति को मान्यता देना है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पद्मश्री से सम्मानित नामचीन व्यवसायी और उद्यमी कल्पना सरोज ने महिला आरक्षण बिल का स्वागत करते हुए इसे सरकार का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय बताया। अब महिलाओं को शासन और प्रशासन में सार्थक भागीदारी का अधिकार प्राप्त होगा।
कल्पना सरोज ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जब महिलाएं राजनीति में भाग लेंगी, तो संसद और विधानसभाओं में उनकी संख्या में इजाफा होगा। विभिन्न संगठनों में महिला प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा। हमारी महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में पहले से ही उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, और मुझे यकीन है कि उन्हें उचित सहयोग मिलने पर और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है और हम इसे दिल से स्वागत करते हैं। यह सच में एक अहम कदम है। डॉ. बीआर अंबेडकर ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई कार्य किए और उनके प्रयासों के कारण आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। हमारे देश की राष्ट्रपति भी एक महिला हैं।
पद्मश्री से सम्मानित लोक कलाकार गुलाबो सपेरा ने कहा कि जब मेरा जन्म हुआ था, तो जन्म के कुछ ही घंटों में मुझे छोड़ दिया गया था। यह उस समय की मानसिकता का परिचायक था। आज वह मानसिकता बदल रही है। देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया एक सराहनीय कदम है। 2014 से उन्होंने लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। महिलाओं के लिए यह आरक्षण अत्यंत आवश्यक था।
पूर्व स्क्वैश खिलाड़ी सुरभि मिश्रा ने महिला आरक्षण बिल के बारे में कहा कि यह बिल नीति-निर्माण में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिलाएगा। इससे उन मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी जिन पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। यह केवल एक अवसर नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दर्शना जरदोष ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से हमारी महिलाओं के अधिकार पूरे होंगे। हम देश की आधी आबादी को बधाई देते हैं और उन्हें नमन करते हैं। जब यह बिल पेश किया गया था, मैं भी वहां उपस्थित थी। देश की आधी आबादी महिलाएं हैं। विकास के साथ-साथ महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं- कला, नृत्य, अभिनय, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और कौशल विकास में। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है।