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उदित राज का श्रमिकों के विरोध पर बयान: 'मरता क्या ना करता' की स्थिति

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उदित राज का श्रमिकों के विरोध पर बयान: 'मरता क्या ना करता' की स्थिति

सारांश

कांग्रेस के नेता उदित राज ने नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए इसे 'मरता क्या ना करता' की स्थिति से जोड़ा। उन्होंने ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की।

मुख्य बातें

उदित राज ने श्रमिकों के प्रदर्शन को गंभीरता से लिया।
श्रमिकों के वेतन में तीन हजार रुपए की वृद्धि की गई है।
ठेकेदारों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
सरकार और प्रबंधन की जिम्मेदारी को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
श्रमिकों की स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे ‘मरता क्या ना करता’ जैसी स्थिति से जोड़ा।

उन्होंने बुधवार को राष्ट्र प्रेस समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि चाहे आप कितने भी शिक्षित और शालीन क्यों न हों, कभी-कभी परिस्थितियाँ ऐसी बन जाती हैं कि आपको विद्रोह करना पड़ता है।

उदित राज ने कहा कि यहाँ श्रमिकों को आमतौर पर 11 से 12 हजार रुपए का वेतन प्रतिमाह मिलता है, जो उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। लेकिन, ठेकेदार एटीएम अपने पास रखते हैं और अपनी मर्जी से किसी को भी नौकरी से निकाल देते हैं। इससे हर श्रमिक की जीविका पर संकट के बादल मंडराते रहते हैं। ऐसे में मजदूरों के पास क्या विकल्प है, यह एक बड़ा सवाल है।

उन्होंने हाल ही में नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार द्वारा उनके वेतन में वृद्धि के निर्णय पर भी टिप्पणी की। उदित राज ने कहा कि नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद उनके वेतन में तीन हजार रुपए की वृद्धि की गई है। लेकिन, इस मामले में ठेकेदार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए ताकि स्पष्ट हो सके कि उसकी वास्तविक स्थिति क्या है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में सरकार से लेकर मैनेजमेंट तक सभी दोषी हैं। इसलिए सभी संबंधित कारकों की जांच की जानी चाहिए ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके, क्योंकि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। इस मामले की पूरी विधिवत रूप से जांच होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ श्रमिकों की स्थिति गंभीर है। उनके वेतन में वृद्धि का निर्णय सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाता है। इस मामले में ठेकेदारों की भूमिका की जांच आवश्यक है ताकि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने श्रमिकों के प्रदर्शन पर क्या कहा?
उदित राज ने इसे 'मरता क्या ना करता' की स्थिति से जोड़ा और ठेकेदारों की भूमिका की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार ने श्रमिकों के वेतन में कितनी वृद्धि की?
सरकार ने श्रमिकों के वेतन में तीन हजार रुपए की वृद्धि की है।
ठेकेदारों की भूमिका पर उदित राज का क्या कहना है?
उदित राज ने ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की है ताकि उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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