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UPI पर MDR शुल्क: कांग्रेस नेता उदित राज बोले — ₹2,000 से अधिक लेनदेन पर चार्ज जनता की जेब की लूट

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UPI पर MDR शुल्क: कांग्रेस नेता उदित राज बोले — ₹2,000 से अधिक लेनदेन पर चार्ज जनता की जेब की लूट

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR शुल्क को सरकार का 'यू-टर्न' बताया — पहले डिजिटल भुगतान को बढ़ावा, अब उसी पर टैक्स। यह बयान UPI पर बढ़ती राजनीतिक बहस का ताज़ा अध्याय है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूपीआई शुल्क पर केंद्र सरकार की आलोचना की।
₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू करने को उन्होंने 'जनता की जेब की लूट' कहा।
उन्होंने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी और GST का हवाला देते हुए सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाया।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'युवा धर्म संसद' कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए; खुले मंच पर बहस की चुनौती दी।
चुनाव आयोग (ECI) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उसे 'BJP का आयोग' बताया।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूपीआई (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए जनता को यूपीआई अपनाने के लिए प्रेरित किया और अब ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाकर आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

यूपीआई शुल्क पर उदित राज का आरोप

उदित राज ने कहा, 'सरकार ने यूपीआई से पेमेंट के लिए लोगों को उत्साहित किया और अब उनकी जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया गया है।' उनके अनुसार, ₹2,000 से ऊपर के यूपीआई ट्रांजेक्शन का वॉल्यूम बेहद बड़ा है और इस दायरे में MDR लगाना सीधे तौर पर जनता के हितों के विरुद्ध है। उन्होंने इसे 'जनता की जेब की लूट' करार दिया।

गौरतलब है कि यूपीआई भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे व्यापक माध्यम बन चुका है और करोड़ों छोटे व्यापारी, दुकानदार तथा आम उपभोक्ता इस पर निर्भर हैं। शुल्क लागू होने से इन वर्गों पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीज़ल और GST पर भी निशाना

उदित राज ने आगे आरोप लगाया कि सरकार पहले से ही पेट्रोल और डीज़ल पर भारी एक्साइज ड्यूटी तथा जीएसटी (GST) के ज़रिये जनता से राजस्व वसूल रही है। उनका कहना था कि यूपीआई पर शुल्क इसी नीति का विस्तार है और इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार आम जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि राजस्व संग्रह को प्राथमिकता देने के लिए काम कर रही है।

RSS और 'युवा धर्म संसद' पर टिप्पणी

उदित राज ने आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'युवा धर्म संसद' कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जेन-जी (Gen-Z) स्वतः नहीं आती — संघ के अनुषांगिक संगठन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने समर्थकों को ही वहाँ बुलाते हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि खुले मंच पर जेन-जी से सवाल-जवाब किया जाए तो ये नेता जवाब देने की स्थिति में नहीं होंगे। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलनात्मक शैली का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी जेन-जी से खुलकर और बिना फ़िल्टर के बातचीत करते हैं।

चुनाव आयोग और विपक्षी दलों पर वक्तव्य

उदित राज ने चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह संस्था अब स्वतंत्र नहीं रही और दिनदहाड़े नियमों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश बताया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक दरार के सवाल पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शिवसेना के साथ जो हुआ, वही अब TMC के साथ दोहराया जा रहा है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर के राम मंदिर संबंधी पुराने बयान पर टिप्पणी करने से उन्होंने यह कहते हुए परहेज़ किया कि 'जो बात बीत गई, उस पर अब कोई मतलब नहीं।'

आगे क्या

यूपीआई पर MDR को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ होती दिख रही है। विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर दबाव बनाने की संभावना है। डिजिटल भुगतान के बड़े पैमाने पर उपयोगकर्ता आधार को देखते हुए यह नीति आगामी समय में सार्वजनिक विमर्श का केंद्र बनी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विपक्ष उसे नीतिगत विश्वासघात के रूप में पेश करता है। यूपीआई पर MDR का मसला केवल तकनीकी नहीं, बल्कि राजनीतिक अर्थव्यवस्था का सवाल है — खासकर तब जब करोड़ों छोटे व्यापारी और उपभोक्ता इस पर निर्भर हैं। हालाँकि, उदित राज के बयान में यह स्पष्ट नहीं है कि MDR राजस्व का उपयोग कहाँ होगा और क्या यह शुल्क उपभोक्ता वहन करेगा या व्यापारी — यह अंतर नीतिगत आकलन के लिए ज़रूरी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तकनीकी बारीकी को नज़रअंदाज़ करती है और बयानबाज़ी तक सीमित रह जाती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई पर MDR शुल्क क्या है और यह किन लेनदेन पर लागू होगा?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान पर लिया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर यह शुल्क लागू किया जाएगा, जिससे बड़े वॉल्यूम वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन प्रभावित होंगे।
कांग्रेस नेता उदित राज ने UPI शुल्क का विरोध क्यों किया?
उदित राज का तर्क है कि सरकार ने पहले जनता को UPI अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और अब उसी पर चार्ज लगाना नीतिगत विरोधाभास है। उन्होंने इसे पेट्रोल-डीज़ल और GST के बाद एक और जन-विरोधी कदम बताया।
यूपीआई शुल्क से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन का वॉल्यूम बड़ा है, इसलिए छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका है। इससे डिजिटल भुगतान की लोकप्रियता पर भी असर पड़ सकता है।
उदित राज ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
उदित राज ने चुनाव आयोग को 'BJP का आयोग' बताया और कहा कि दिनदहाड़े नियमों का उल्लंघन हो रहा है। उनके अनुसार यह लोकतंत्र को कमज़ोर करने और जनता की आवाज़ दबाने का प्रयास है।
उदित राज ने RSS के 'युवा धर्म संसद' पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में केवल संघ समर्थक जेन-जी को बुलाया जाता है, स्वतः नहीं आते। उन्होंने खुले मंच पर जेन-जी से सवाल-जवाब की चुनौती देते हुए कहा कि ऐसे में नेता जवाब देने की स्थिति में नहीं होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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