भाजपा और एनडीए का 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' बिल गिरने के बाद विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन
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नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में अस्वीकृत होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी और एनडीए ने विपक्ष के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण को रोककर देश की आधी आबादी के साथ अन्याय किया है।
आज भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में दो घंटे की बैठक में विभिन्न महिला समूहों के साथ चर्चा की गई। इस बैठक में सभी महिला सांसदों और मंत्रियों को राज्य के स्तर पर प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई। दिल्ली में, भाजपा महिला मोर्चा को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली के सभी लोकसभा क्षेत्रों में महिला मोर्चा प्रदर्शन करेगा।
भाजपा शासित राज्यों में भी कई प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य विपक्ष के महिला विरोधी चेहरे को उजागर करना है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष ने जानबूझकर महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को विफल किया। अब सड़कों पर उतरकर यह संदेश दिया जाएगा कि सत्ता पक्ष महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।
लोकसभा में विधेयक गिरने के तुरंत बाद, भाजपा की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए। बैठक में यह तय किया गया कि एनडीए के सभी सहयोगी दल भी इन प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। पार्टी का मानना है कि यह मुद्दा महिलाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है और जनता को बताना आवश्यक है कि विपक्ष ने महिलाओं के हक पर कितना बड़ा प्रहार किया है।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होंगे लेकिन महिलाओं के पक्ष में मजबूत स्वर में आवाज उठाई जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों में महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा इन कार्यक्रमों का नेतृत्व किया जाएगा। पार्टी का प्रयास है कि इस मुद्दे पर जनमत तैयार किया जाए और विपक्ष की नीयत को उजागर किया जाए।