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पटना में महिलाओं ने निकाला आक्रोश मार्च, विपक्ष के खिलाफ जताया अपमान

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पटना में महिलाओं ने निकाला आक्रोश मार्च, विपक्ष के खिलाफ जताया अपमान

सारांश

पटना में भाजपा द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला मार्च' में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के खिलाफ विरोध जताते हुए अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में महिलाएं एकजुट हुईं।
भाजपा ने मार्च का आयोजन किया।
नेताओं ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का आह्वान किया।
जन आक्रोश मार्च का प्रभाव दूरगामी हो सकता है।
राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा बढ़ी है।

पटना, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) के पारित न होने के खिलाफ भाजपा द्वारा बिहार में 'जन आक्रोश महिला मार्च' का आयोजन किया गया है। इस मार्च में भाग लेने के लिए पटना के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित हुईं। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ी थीं, जिन पर विधेयक से संबंधित संदेश लिखे हुए थे। एक महिला ने तो अपने आप को बेड़ियों में कैद करके एक अनोखा प्रदर्शन भी किया।

जन आक्रोश मार्च में भाग लेने वाली भाजपा नेता श्रेयसी सिंह ने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरे भारत की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पल है। 17 अप्रैल को सदन में यह बिल गिरा नहीं, बल्कि नारियों के सम्मान को गिराने का कार्य विपक्ष ने किया है। विपक्ष आधी आबादी का नारा देता है और चुनाव से पहले महिलाओं को लुभाने वाले वादे करता है। लेकिन जब बात राजनीतिक भागीदारी की आती है, तो वे बिल पास नहीं होने देते। यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है।"

भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा, "राहुल गांधी के इशारे पर विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन किया है। उनकी नीयत में खोट है। वे नहीं चाहते कि देश की महिलाएं नेतृत्व करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के अंतिम और वंचित महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं। विपक्ष ने आरक्षण विधेयक को लेकर घिनौना काम किया है। ममता बनर्जी जैसे महिला मुख्यमंत्री ने भी इस बिल को रोकने में भूमिका निभाई है। इसको लेकर देश की महिलाएं उग्र हैं और आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।

बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "आज महिलाओं का 'जन आक्रोश मार्च' पटना में निकाला जा रहा है। कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ काम किया है। इन लोगों ने एक गंभीर गलती की है।"

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "आज हमारी बहनें पटना में बड़ा आक्रोश मार्च निकाल रही हैं। देश की बहनों का अपमान किया गया है। जिन्होंने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया है, उनके घर की महिलाएं भी दुखी हैं। यह विरोध केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिलों और प्रखंडों तक जाएगा।"

जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने कहा, "पूरे देश में विरोध मार्च निकाले जाने चाहिए। राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक आंदोलन शुरू करना जरूरी है। तभी महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा की जा सकती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। विपक्षी दलों द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को रोकने का आरोप गंभीर है और इसे देश की आधी आबादी की अनदेखी के रूप में देखा जा सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन आक्रोश महिला मार्च का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस मार्च का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के खिलाफ विरोध जताना है।
मार्च में कौन-कौन सी प्रमुख नेता शामिल थीं?
मार्च में भाजपा नेता श्रेयसी सिंह, धर्मशीला गुप्ता, और अन्य प्रमुख नेता शामिल थीं।
यह मार्च कब और कहाँ आयोजित किया गया?
यह मार्च 20 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया गया।
महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभा में सीटों का आरक्षण देने का प्रावधान करता है।
क्या इस मार्च का कोई प्रभाव पड़ेगा?
यह मार्च महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने का प्रयास है, जो भविष्य में प्रभाव डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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