पटना में जन आक्रोश महिला सम्मेलन: 'हम अपना हक लेकर रहेंगे' का सशक्त ऐलान

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पटना में जन आक्रोश महिला सम्मेलन: 'हम अपना हक लेकर रहेंगे' का सशक्त ऐलान

सारांश

पटना में हजारों महिलाओं ने 'अपना हक लेकर रहेंगे' का जोरदार नारा लगाया। संजय सरावगी ने कहा कि यह आक्रोश हर घर तक पहुंचेगा। जानिए इस सम्मेलन की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • महिलाओं का एकजुटता: हजारों महिलाएं अपने अधिकारों के लिए एकजुट हुईं।
  • राजनीतिक आक्रोश: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने पर विरोध।
  • संजय सरावगी का बयान: महिला आरक्षण बिल की आवश्यकता की बात।

पटना, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई हजारों महिलाओं ने एकजुट होकर कहा कि 'हम अपना हक लेकर रहेंगे'

भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला सम्मेलन' में, भीषण गर्मी के बावजूद, महिलाएं पटना पहुंचीं और अपने अधिकारों के लिए एक मजबूत आवाज उठाई। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने से निराश महिलाएं गांधी मैदान में एकत्रित हुईं, और इस मुद्दे के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें कांग्रेस, राजद सहित सभी विपक्षी दल शामिल थे।

इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत एनडीए की महिला नेताओं ने उपस्थित महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। संजय सरावगी ने कहा कि इस विधेयक को लेकर देश की महिलाओं में उत्साह था, लेकिन विपक्ष की वजह से यह लोकसभा में पारित नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि विधेयक के पारित न होने से नारी शक्ति के सम्मान को ठेस पहुंची है। जहां एक तरफ नारी शक्ति का अपमान हुआ, वहीं दूसरी ओर विपक्ष खुशी मना रहा था। देश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान को ठेस पहुंची है। यदि महिला आरक्षण बिल पास हो जाता, तो बिहार विधानसभा में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या 29 से बढ़कर कम से कम 125 हो जाती। लेकिन राजद और महागठबंधन ने उनके अधिकारों को छीनने का प्रयास किया है, जिसे महिलाएं सहन नहीं कर सकतीं।

उन्होंने कहा कि यह आक्रोश धरती पर जरूर उतरेगा। नारी शक्ति के अपमान को इंडी गठबंधन की पहचान बन चुकी है। जो लोग महिलाओं को उनका हक देने से पीछे हट रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह देश की हर बेटी और बहन के सम्मान का प्रश्न है। आज उनके अपने घरों की महिलाएं भी इस अन्याय से प्रभावित हैं। यह जनाक्रोश अब केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर जिले और हर घर तक पहुंचेगा, और नारी सम्मान के इस संघर्ष को जन-जन का आंदोलन बनाएगा।

Point of View

जो नारी शक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत स्वर में उठाया गया। यह एक सामाजिक आंदोलन का संकेत है जो हर घर तक पहुंचेगा।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

जन आक्रोश महिला सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के खिलाफ विरोध करना था।
संजय सरावगी ने सम्मेलन में क्या कहा?
संजय सरावगी ने कहा कि अगर महिला आरक्षण बिल पास होता, तो बिहार विधानसभा में महिलाओं की संख्या में बड़ा इजाफा होता।
महिलाएं इस आंदोलन में क्यों शामिल हुईं?
महिलाएं नारी शक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने के खिलाफ एकजुट हुईं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई।
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