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बिहार: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ लोजपा (आर) का प्रदर्शन और महिला सशक्तिकरण की मांग

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बिहार: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ लोजपा (आर) का प्रदर्शन और महिला सशक्तिकरण की मांग

सारांश

पटना में लोजपा (आर) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने एकजुट होकर विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का विरोध किया। इस महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन करने का संकल्प लिया गया।

मुख्य बातें

महिला सशक्तिकरण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम महत्वपूर्ण है।
लोजपा (आर) ने प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष के महिला विरोधी रवैये का विरोध किया।
महिलाओं ने जन जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
भाजपा ने २० अप्रैल को आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया।
सभी महिलाओं ने एकजुट होकर सड़क पर उतरने का फैसला किया।

पटना, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शनिवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के निकट नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के पुतले जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया गया।

महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष शोभा पासवान ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने का एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष इसे पारित होने से रोकने का प्रयास कर रहा है, जो उनकी महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीति में और अधिक भागीदारी और सम्मान दिलाएगा, जिसे विपक्ष अनावश्यक रूप से बाधित कर रहा है।

पासवान ने यह भी कहा, "लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) हमेशा महिलाओं के अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष करती रही है। हम इस महत्वपूर्ण विधेयक के समर्थन में आवाज उठाते रहेंगे।"

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और एकजुट होकर विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि जनता अब विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को समझ चुकी है और आगामी समय में इसका जवाब देगी।

सभी कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में जन जागरूकता अभियान चलाएंगे और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

इसी बीच, भाजपा ने २० अप्रैल को पूरे राज्य में आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया है। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद शनिवार को बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक में महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि विपक्ष महिला विरोधी है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने पर खुश हैं। आक्रोशित महिलाओं ने विरोधी दलों के नेताओं के खिलाफ जल्द ही प्रदर्शन करने की घोषणा की।

बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इंडी गठबंधन द्वारा लोकसभा में पारित न होने देने के खिलाफ २० अप्रैल को पटना सहित पूरे प्रदेश में आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नारी शक्ति के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाली ताकतों को जनता के बीच बेनकाब करने के लिए भाजपा पूरी मजबूती से सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि हम इस षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

महिलाओं के अधिकारों के प्रति समाज की सोच को दर्शाता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी और सम्मान दिलाने के लिए बनाया गया है।
लोजपा (आर) का प्रदर्शन कब हुआ?
यह प्रदर्शन १८ अप्रैल को पटना में हुआ।
इस प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल थे?
इसमें लोजपा (आर) की महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
भाजपा ने कब आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया?
भाजपा ने २० अप्रैल को पूरे प्रदेश में आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने का विरोध करना था।
राष्ट्र प्रेस
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