राजौरी में उपराज्यपाल ने डॉ. राज कुमार थापा के स्मारक, संग्रहालय और पुस्तकालय का उद्घाटन किया
सारांश
Key Takeaways
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डॉ. राज कुमार थापा के स्मारक का उद्घाटन किया।
- यह स्मारक उनकी शहादत को अमर बनाएगा।
- डॉ. थापा के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई।
- सेवा भारती द्वारा संचालित 'अपना भोजनालय' का उन्नयन किया गया।
- सामुदायिक रसोई की सेवा से समाज को सशक्त किया जा रहा है।
राजौरी, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी में शहीद एडीडीसी डॉ. राज कुमार थापा की अमिट विरासत को मान्यता देने के लिए एक स्मारक, संग्रहालय और पुस्तकालय का उद्घाटन किया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान डॉ. थापा पाकिस्तान की तरफ से की गई अकारण गोलाबारी में शहीद हो गए थे।
उपराज्यपाल ने डॉ. थापा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी नि:स्वार्थ सेवा और जन कल्याण के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। इस अवसर पर डॉ. थापा के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।
इस कार्यक्रम में डॉ. राज कुमार थापा के परिवार के सदस्य, सुरक्षा बलों, पुलिस और नागरिक प्रशासन के उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।
इससे पहले, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 14 अप्रैल को जम्मू में 'अपना भोजनालय' के उन्नयन कार्यक्रम में भाग लिया था। यह एक सामुदायिक रसोई है, जिसे सेवा भारती संगठन द्वारा संचालित किया जाता है और जम्मू-कश्मीर बैंक का समर्थन प्राप्त है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एलजी ने लिखा कि आज मैंने 'अपना भोजनालय' के उन्नयन समारोह में भाग लिया। यह एक सामुदायिक रसोई है, जिसे 'सेवा भारती' द्वारा संचालित किया जाता है और इसे जम्मू-कश्मीर बैंक के अलावा अन्य दानदाताओं का भी सहयोग प्राप्त है। सेवा भारती की 'समाज को कुछ वापस देने' की भावना को देखकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हुई। यह भावना व्यक्तियों को सशक्त बनाती है और समुदायों को मजबूत करती है।
उन्होंने आगे लिखा कि जरूरतमंदों की सेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं है। सेवा भारती ने लोगों के शरीर को पोषण देकर, उनकी आत्मा को संबल प्रदान करके, और हर मानव जीवन की गरिमा को स्थापित करके इस कर्तव्य का सम्मान किया है। 'अपना भोजनालय' को सुदृढ़ करना हमारे समाज की मूल संरचना को मजबूती प्रदान करना है।