26 जुलाई 2026
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राजस्थान की महिलाएं महिला आरक्षण बिल न पास होने पर निराश, पुनर्विचार की मांग

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राजस्थान की महिलाएं महिला आरक्षण बिल न पास होने पर निराश, पुनर्विचार की मांग

सारांश

चूरू, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान की महिलाओं ने महिला आरक्षण संशोधन बिल के न पारित होने पर निराशा जताई है। उन्होंने इस मुद्दे पर दोबारा विचार करने की मांग की, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना की। जानें क्या हैं उनके विचार।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का न पास होना महिलाओं के लिए एक बड़ा झटका है।
महिलाओं ने पुनर्विचार की मांग की है।
सभी राजनीतिक दलों को महिलाओं के हक में एकजुट होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति चिंता जताई है।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।

चूरू, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के चूरू जिले की स्थानीय महिलाओं ने महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित न होने पर गहरी निराशा जताई है। महिलाओं ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर फिर से गंभीरता से विचार करने की अपील की है, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना भी की है।

समाजसेविका रानी कंवर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया महिला आरक्षण बिल किसी कारण से पास नहीं हो सका, जिससे महिलाओं में निराशा का माहौल है। उनका कहना है कि महिलाएं पहले से ही कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, और ऐसे में यह बिल न पारित होना उनके लिए एक बड़ा झटका है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर दोबारा गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं की चिंता जताई है और माफी मांगी है, लेकिन अब ज़रूरत इस बात की है कि इस बिल पर फिर से चर्चा हो और इसे आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता था, जिसे सभी राजनीतिक दलों को मिलकर समर्थन देना चाहिए था।

शिक्षिका डॉ. प्रभा पारीख ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर थी और इसे संसद में पेश करने का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्षफिर से विचार किया जाए ताकि महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके।

पूर्व रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने कहा कि भारत में महिलाओं को हमेशा समाज में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है और हमारी परंपरा भी स्त्री सम्मान पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही थी, लेकिन कुछ राजनीतिक कारणों से यह बिल पास नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों को दरकिनार कर महिलाओं के हित में सोचना चाहिए, क्योंकि देश की आधी आबादी महिलाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो देश और समाज दोनों को लाभ होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
राजस्थान की महिलाओं ने इस बिल पर क्या कहा?
राजस्थान की महिलाओं ने इस बिल के न पास होने पर निराशा व्यक्त की और पुनर्विचार की मांग की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तीकरण की चिंता जताई और उनके अधिकारों के लिए माफी मांगी।
इस बिल के न पारित होने का क्या असर होगा?
इस बिल के न पारित होने से महिलाओं के सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण अवसर चूक जाएगा।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सरकार क्या कर रही है?
सरकार महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है, लेकिन राजनीतिक कारणों से यह बिल पारित नहीं हो सका।
राष्ट्र प्रेस
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