महिलाओं का गुस्सा सामने आएगा, विपक्ष को सबक सिखाएंगी: राजस्थान भाजपा
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल गिराने पर महिलाओं में गुस्सा है।
- भाजपा ने विपक्ष पर तीखा हमला किया है।
- 20 अप्रैल को जयपुर में बड़ा प्रदर्शन होगा।
- महिलाओं को इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए।
- महिला मोर्चा ने विपक्ष का तिरस्कार करने की अपील की है।
जयपुर, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदान राठौड़ ने शनिवार को विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल के गिरने से महिलाओं में गहरा गुस्सा व्याप्त है। उन्होंने मांग की कि महिलाओं को इस विधेयक का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को मंच पर स्थान नहीं देना चाहिए और उन्हें नजरअंदाज करना चाहिए।
मदान राठौड़ ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "इस समय हमारी बहनें अंतरिक्ष और सेना में सफलताएँ प्राप्त कर रही हैं। क्या वे कमजोर हैं? जब वे शासन-प्रशासन में हैं तो कानून में क्यों नहीं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात से दुखी हैं कि कांग्रेस ने देश की महिलाओं का अधिकार छीन लिया।"
उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद एक महिला हैं, लेकिन उन्होंने महिलाओं के खिलाफ काम किया और उनके लिए कानून बनाने नहीं दिया। यह बहुत ही दुखद है।"
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने भी विपक्ष की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने बिल को गिराकर जो जश्न मनाया, वह एक उत्सव की तरह था। कांग्रेस और इंडिया महागठबंधन के लोग हमेशा से महिलाओं को पीछे रखने का काम करते आए हैं। सबसे दुखद यह है कि प्रियंका गांधी और डिंपल यादव भी वहां मौजूद थीं। मुझे उम्मीद थी कि वे महिलाओं के पक्ष में मतदान करेंगी, लेकिन यह देखकर दुख हुआ कि उन्होंने वही पुरानी सोच दिखाई।"
राखी राठौड़ ने कहा, "वे जिस राजनीतिक परिवार से आती हैं, उनकी अपनी सीट तो सुरक्षित है, लेकिन आम महिला कार्यकर्ताओं के लिए उनके मन में कोई स्थान नहीं था। उन्हें महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का एक सुनहरा अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने उसे खो दिया।"
महिला मोर्चा की अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि विपक्ष के इस व्यवहार के खिलाफ 20 अप्रैल को जयपुर में एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा, "विपक्ष महिलाओं के खिलाफ है। अब महिलाएँ उनके खिलाफ मतदान करके उन्हें सबक सिखाएंगी।"