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हुसैन दलवई: विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा है

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हुसैन दलवई: विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा है

सारांश

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के गिरने पर खुशी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस विधेयक की असफलता का लाभ उठाकर विपक्ष को महिलाओं के खिलाफ दिखाना चाहती है।

मुख्य बातें

महिलाओं का आरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
शिक्षा नीति में संशोधन की आवश्यकता है।
सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।
राजीव गांधी ने महिलाओं के आरक्षण का काम शुरू किया था।

मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के गिरने पर अपनी खुशीस्वागत करना चाहिए।

दालवई ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का मुद्दा केवल एक बहाना था। असल उद्देश्य परिसीमन (डिलिमिटेशन) करना था। यदि सरकार सच में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो यह जाति जनगणना के बिना संभव नहीं है। आरक्षण का तरीका स्पष्ट होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को पहले से पता था कि विधेयक पारित नहीं होगा। अब वे प्रचार करेंगे कि विपक्ष महिलाओं के खिलाफ है, जबकि ऐसा नहीं है। दालवई ने याद दिलाया कि महिलाओं के आरक्षण का कार्य सबसे पहले राजीव गांधी ने शुरू किया था। विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह विधेयक असफल होना अच्छी बात है, क्यूंकि सरकार महिलाओं को पूर्ण अधिकार देने के लिए तैयार नहीं है। आरएसएस की शाखाओं में महिलाएं नहीं जातीं। 1925 से चल रहे इस संगठन का प्रमुख आज तक कोई महिला नहीं बनी। उनके सभी संगठन पुरुषों द्वारा चलाए जाते हैं और महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले संगठनों को वे महत्व नहीं देते।

एक आईटी कंपनी में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले पर दालवई ने कहा कि जांचकड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह मुद्दा केवल मुसलमानों के नाम पर नहीं उठाया जाना चाहिए। मुस्लिम हो या हिंदू, महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

महाराष्ट्र में शिक्षा नीति पर उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से मराठी सिखाना गलत नहीं है, लेकिन पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य करना गलत है। उन्होंने सुझाव दिया कि हिंदी को पांचवीं कक्षा से सिखाया जाए, ताकि छात्रों पर पहली कक्षा से ही बोझ न पड़े।

राहुल गांधी पर लगे दोहरी नागरिकता के आरोपों पर उन्होंने कहा कि सरकार राहुल गांधी से इतनी डरी हुई है कि पूछो मत। राहुल गांधी ओबीसी, दलितों और अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाते हैं, यात्राएं करते हैं और लोगों के बीच जाते हैं। इससे उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। सरकार हमेशा डरी रहती है और सोचती है कि एक व्यक्ति को कैसे परेशान किया जाए। इस मामले में कुछ भी नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए भुना रही है। यह स्थिति समाज में महिलाओं के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या विपक्ष महिला आरक्षण का समर्थन करता है?
हुसैन दलवई के अनुसार, विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है।
भाजपा की नीति पर दलवई का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर विधेयक को असफल कर रही है और इस पर राजनीति कर रही है।
महिलाओं को आरक्षण देने का असली मकसद क्या है?
दालवई के मुताबिक, असल मकसद परिसीमन करना था, न कि महिलाओं को आरक्षण देना।
हुसैन दलवई ने शिक्षा नीति पर क्या कहा?
उन्होंने पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य करने का विरोध किया और सुझाव दिया कि इसे पांचवीं कक्षा से सिखाया जाए।
क्या राहुल गांधी पर लगे आरोप सही हैं?
दलवई का कहना है कि सरकार राहुल गांधी से डरी हुई है और इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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