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क्या जम्मू-कश्मीर में एसआईए ने टेरर मॉड्यूल केस में श्रीनगर और गांदरबल में तलाशी अभियान चलाया?

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क्या जम्मू-कश्मीर में एसआईए ने टेरर मॉड्यूल केस में श्रीनगर और गांदरबल में तलाशी अभियान चलाया?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में एसआईए द्वारा टेरर मॉड्यूल की जांच में श्रीनगर और गांदरबल में चलाए गए तलाशी अभियान ने सुरक्षा की नई परतें उजागर की हैं। क्या ये अभियान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है?

मुख्य बातें

एसआईए ने जम्मू-कश्मीर में टेरर मॉड्यूल की जांच के लिए तलाशी अभियान चलाया।
डॉक्टरों के नाम भी मामले में शामिल हैं।
महत्वपूर्ण गिरफ्तारियों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नई ऊर्जा आई है।

श्रीनगर, ५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू और कश्मीर राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने शुक्रवार को डॉक्टरों के टेरर मॉड्यूल केस की जांच के संदर्भ में श्रीनगर और गांदरबल जिलों में कई स्थानों पर तलाशी अभियान संचालित किया।

अधिकारियों के अनुसार, ये तलाशी उन डॉक्टरों के नामों के संदर्भ में की जा रही थी, जो हाल ही में सामने आए टेरर मॉड्यूल से जुड़े थे। श्रीनगर के बटमालू क्षेत्र में छापेमारी की जा रही है, जहां से पहले एक आरोपी तुफैल अहमद भट को गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने बताया, "वाकुरा गांदरबल में भी तलाशी जारी है। २२ नवंबर को राज्य जांच एजेंसी ने तुफैल को उसके घर से गिरफ्तार किया था।"

जम्मू और कश्मीर पुलिस ने हाल ही में हरियाणा पुलिस के सहयोग से फरीदाबाद क्षेत्र में डॉक्टरों द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। जम्मू और कश्मीर पुलिस की ओर से जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के दो ओवरग्राउंड कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से कुलगाम जिले के काजीगुंड के डॉ. आदिल राथर की गिरफ्तारी हुई।

वहीं, अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉ. आदिल के लॉकर से एक एके-47 राइफल बरामद हुई। आदिल ने २०२४ में इस मेडिकल कॉलेज से नौकरी छोड़ दी थी। उससे लगातार पूछताछ के बाद पुलवामा जिले के कोइल गांव के डॉ. मुजम्मिल राथर को गिरफ्तार किया गया। उसे फरीदाबाद से पकड़ा गया था।

डॉ. मुज़म्मिल के फरीदाबाद स्थित किराए के घर से २,९०० किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ, जबकि उसका दूसरा साथी, डॉ. उमर नबी गिरफ्तारी से बच निकला। उमर ने १० नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास अपनी विस्फोटक से भरी कार में धमाका किया था, जिसमें १३ नागरिकों की मृत्यु हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

पुलिस ने इस व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में लखनऊ के डॉ. शाहीन सईद को भी गिरफ्तार किया है। ये सभी डॉक्टर फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे। इसके बाद काजीगुंड के एक और स्थानीय डॉक्टर उमर फारूक और उनकी पत्नी शाहजादा अख्तर को युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए अपने सोशल स्टेटस का उपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के हर वर्ग को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईए का टेरर मॉड्यूल केस क्या है?
यह केस डॉक्टरों के संदिग्ध टेरर मॉड्यूल से संबंधित है, जिसमें कई गिरफ्तारियां हुई हैं।
कौन-कौन से डॉक्टर गिरफ्तार हुए हैं?
गिरफ्तार डॉक्टरों में तुफैल अहमद भट, डॉ. आदिल राथर, डॉ. मुजम्मिल राथर और डॉ. शाहीन सईद शामिल हैं।
तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
तलाशी अभियान का उद्देश्य संदिग्ध टेरर गतिविधियों का पता लगाना और आतंकवादियों की गिरफ्तारी करना है।
राष्ट्र प्रेस
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