गांदरबल में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने गाँव को घेरा

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गांदरबल में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने गाँव को घेरा

सारांश

गांदरबल में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बलों ने गाँव को घेर लिया। मुठभेड़ अभी भी जारी है और सुरक्षा बलों ने सभी भागने के रास्ते बंद कर दिए हैं। जानें और क्या हुआ इस घटना में।

मुख्य बातें

गांदरबल में मुठभेड़ की शुरुआत सुरक्षा बलों द्वारा की गई थी।
आतंकवादियों की संख्या दो होने की संभावना है।
गाँव को चारों ओर से घेर लिया गया है।
पिछले कुछ वर्षों में यहाँ आतंकवादियों के हमले हुए हैं।
सुरक्षा स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

श्रीनगर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार शाम को छिपे आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की शुरुआत हुई, जब संयुक्त सुरक्षा बलों ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर एक गांव को घेर लिया। अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादियों की उपस्थिति की सूचना के बाद, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर अरहामा गांव को चारों ओर से घेर लिया।

सूत्रों ने बताया कि जैसे ही सुरक्षा बल आतंकवादियों के नजदीक पहुंचे, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसके तुरंत बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो वर्तमान में जारी है।

एक सूत्र के अनुसार, आतंकवादियों के भागने के सभी मार्गों को बंद कर दिया गया है। माना जा रहा है कि गाँव में दो आतंकवादी छिपे हुए हैं और उनके साथ लगातार मुठभेड़ जारी है।

गांदरबल जिला, जो उत्तरी कश्मीर में स्थित है, अब तक आतंकवादियों से मुक्त माना जाता रहा है, और यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय है।

20 अक्टूबर 2024 को आतंकवादियों ने गांदरबल के गगनगीर क्षेत्र में सोनमर्ग जेड-मोरह सुरंग निर्माण स्थल के पास मजदूरों के एक कैम्प पर हमला किया था। इस हमले में सात लोग, जिनमें छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर शामिल थे, मारे गए थे।

इस हमले का लक्ष्य महत्वपूर्ण जेड-मोरह टनल प्रोजेक्ट पर कार्यरत कर्मचारियों को बनाना था। यह हमला शाम के समय गागनगीर क्षेत्र में हुआ, जहाँ मजदूर अपने कैम्प में लौट आए थे।

इसी तरह, 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में 25 नागरिकों की हत्या कर दी, जिनमें 24 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू मालिक शामिल थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस ने बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं।

अक्टूबर 2024 में सोनमर्ग (गागनगीर) टनल निर्माण स्थल पर सात लोगों की हत्या और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में 25 नागरिकों की हत्या में शामिल तीन आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन के दौरान मार गिराया। इस अभियान को 'ऑपरेशन महादेव' का नाम दिया गया था।

सुरक्षा बलों ने पुष्टि की थी कि पहलगाम और सोनमर्ग टनल पर हुए हमलों से जुड़े तीन आतंकवादियों को श्रीनगर में महादेव पर्वत चोटी की तलहटी में 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मार गिराया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब तक आतंकवादियों से मुक्त माना जाता था, इस घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के लिए चिंता बढ़ा दी है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांदरबल में मुठभेड़ कब शुरू हुई?
यह मुठभेड़ मंगलवार शाम को शुरू हुई।
सुरक्षा बलों ने क्यों गांव को घेरा?
आतंकवादियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर गांव को घेरा गया।
इस मुठभेड़ में कितने आतंकवादियों के फंसे होने की आशंका है?
माना जा रहा है कि गांव में दो आतंकवादी फंसे हुए हैं।
क्या पहले भी गांदरबल में ऐसे हमले हुए हैं?
हां, पिछले कुछ वर्षों में गांदरबल में आतंकवादी हमले हुए हैं।
सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए हैं?
सुरक्षा बलों ने भागने के सभी रास्ते सील कर दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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