क्या कुलगाम में 'ऑपरेशन अखल' 7वें दिन भी जारी रहेगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कुलगाम में 'ऑपरेशन अखल' 7वें दिन भी जारी रहेगा?

सारांश

कुलगाम में चल रहे 'ऑपरेशन अखल' के तहत सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। क्या यह अभियान और भी प्रभावी होगा? जानें इस ऑपरेशन के पीछे की कहानी, जो 7 दिनों से जारी है।

मुख्य बातें

'ऑपरेशन अखल' जम्मू-कश्मीर में चल रहा है।
इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
कुलगाम के अखल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
उत्तरी सेना के कमांडर ने स्थिति का जायजा लिया है।
सुरक्षाबलों ने विभिन्न उपकरणों का उपयोग किया है।

श्रीनगर, 7 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने 'ऑपरेशन अखल' को और तेज कर दिया है। बुधवार रात इलाके में भारी गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। इस ऑपरेशन को अब 7 दिन हो चुके हैं।

कुलगाम के अखल क्षेत्र में सुरक्षाबलों को 1 अगस्त को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद 'ऑपरेशन अखल' शुरू किया गया था। उस समय मुठभेड़ में भारतीय सेना ने एक आतंकी को मार गिराया। हालांकि, यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि अभी कितने आतंकवादी छिपे हुए हैं। एक अगस्त के बाद से लगातार यह ऑपरेशन जारी है।

सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित संयुक्त बलों ने गुरुवार को घेराबंदी और तलाशी अभियान के तहत इसे विस्तार दिया है और अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद-रोधी ग्रिड की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशनल तैयारियों और चल रहे अभियानों की जानकारी दी।

भारतीय सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, "सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद-रोधी ग्रिड की समीक्षा की, जहां उन्हें सुरक्षा स्थिति, परिचालन तत्परता और चल रहे अभियानों की जानकारी दी गई। उन्होंने सभी सैन्य अधिकारियों और जवानों की सराहना की, जो क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को सक्षम बना रहे हैं।"

'ऑपरेशन अखल' को जारी रखते हुए सेना ने आतंकियों के भागने की किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए रुद्र हेलिकॉप्टर, ड्रोन और पैरा कमांडो तैनात किए हैं।

इससे पहले, सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन महादेव' चलाया, जिसमें 3 आतंकी मारे गए। भारत सरकार ने पुष्टि की कि ये आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि सुरक्षाबलों का यह अभियान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। 'ऑपरेशन अखल' के जरिए आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करना, एक मजबूत संदेश भेजता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में गंभीर है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुलगाम में 'ऑपरेशन अखल' कब से चल रहा है?
'ऑपरेशन अखल' 1 अगस्त से शुरू हुआ है और यह अभी भी जारी है।
इस ऑपरेशन में कितने आतंकियों को मारा गया है?
इस ऑपरेशन के दौरान एक आतंकी को मारा गया है, लेकिन अभी कितने आतंकवादी छिपे हुए हैं, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
कौन से बल इस ऑपरेशन में शामिल हैं?
इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल हैं।
क्या 'ऑपरेशन अखल' सफल रहा है?
'ऑपरेशन अखल' सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
इस ऑपरेशन के लिए कौन से उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है?
सेना ने रुद्र हेलिकॉप्टर, ड्रोन और पैरा कमांडो का उपयोग किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 16 घंटे पहले
  2. 16 घंटे पहले
  3. 16 घंटे पहले
  4. 16 घंटे पहले
  5. 16 घंटे पहले
  6. 16 घंटे पहले
  7. 17 घंटे पहले
  8. 18 घंटे पहले